जीवाजी विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर कुलपति के ध्वज फहराने पर एनएसयूआई छात्रों ने किया हंगामा, एनएसयूआई नेताओं को पुलिस ने लिया हिरासत में

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय में 26 जनवरी की सुबह 76वें गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जा रहा था जैसे ही कुलगुरू प्रो. अविनाश तिवारी को मंच पर आकर ध्वजारोहण करने के लिये आमंत्रित किया गया तो वहां मौजूद एनएसयूआई छात्र नेताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। हालांकि छात्र नेता अन्दर नहीं पहुंच पाये थे। एक दिन पूर्व ही एनएसयूआई के जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर अध्यक्ष पारस यादव ने चेतावनी दी थी कि कुलगुरू जिन पर ईओडब्ल्यू में गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। उन्हें ध्वज नहीं फहराने देंगे।
यह राष्ट्रीय ध्वज की शान के खिलाफ होगा। एनएसयूआई लगातार कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी के खिलाफ अभियान चला रही है। इस चेतावनी के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल जीवाजी विश्वविद्यालय के सभी गेट पर मौजूद था। गणतंत्र दिवस की सुबह एनएसयूआई छात्र नेता पारस यादव अपने साथियों के साथ जीवाजी विश्वविद्यालय में पहुंचे वहां पर पहले मौजूद पुलिस ने उसे रोकना चाहा। इस पर छात्र नेताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया और नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल उसे उसके साथियों समेत हिरासत में लिया और थाना विश्वविद्यालय भेज दिया गया है।
झुंडपुरा कॉलेज की संबद्धता पर है मामला दर्ज
मामले में विश्वविद्यालय थाना में छात्र नेता पारस यादव का नजरबंद किया गया है। यादव का कहना है कि जेयू के कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी पर EOW में 420 सहित अन्य गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध हुआ है। वे आरोपी हैं, ऐसी स्थिति में आज 26 जनवरी को कुलगुरु के द्वारा विवि कैंपस में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तो हमने विरोध किया, जिस पर हमें विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
जीवाजी यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रोफेसर अविनाश तिवारी पर हाल ही में EOW में मामला दर्ज किया गया है। उन पर गंभीर आरोप है कि मुरैना के झुंडपुरा कॉलेज की संबद्धता में उन्होंने लापरवाही बरती। कॉलेज जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है उसको संबद्धता दी। NSUI नेताओं का कहना है कि जिस व्यक्ति पर आपराधिक मामला दर्ज है वह ध्वजारोहण करेगा तो तिरंगा का अपमान होगा।

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