दीपावली की छुट्टी के दिन खुला रेप पीडि़ता के लिये हाईकोर्ट, 26 सप्ताह का गर्भ समाप्त करने की दी अनुमति
ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दीपावली के अवकाश के दिन शनिवार को विशेष सुनवाई कर 14 वर्षीय की दुष्कर्म पीडि़ता 26 सप्ताह का गर्भ समाप्त करने की अनुमति दी है। शिवपुरी की पीडि़ता के मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की विशेष बेंच ने 7 नवम्बर को केस की सुनवाई की। हाईकोर्ट ने सीनियर डॉक्टरों को उसी दिन शाम 4 बजे तक गर्भपात की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिये थे। हाईकोर्ट ने कहा है कि ऐसे मामलों में हर दिन कीमती है। एक दिन की देरी भी पीडि़ता के स्वास्थ्य और जीवन के लिये ऐसे गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। जिनकी भरपाई संभव नहीं है।
सभी न्यायालयों के लिये गाइडलाइन
हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीडि़ता और अन्य विशेष मामलों में गर्भपात की अनुमति से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के लिये प्रदेश की सभी न्यायालयों के नयी गाइडलाइन भी जारी की है।
स्पष्ट नहीं थी मेडीकल बोर्ड की रिपोर्ट
यह मामला करैरा स्पेशल कोर्ट से हाईकोर्ट पहुंचा था। जीआर मेडीकल कॉलेज और कमराराजा चिकित्सालय के मेडीकल बोर्ड की पहली रिपोर्ट स्पष्ट नहीं थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने पुनः रिपोर्ट तलब की थी।
डॉक्टरों ने खून की उपलब्धता और जरूरी सावधनियों को ध्यान में रखते हुए गर्भपात की प्रक्रिया को सुरक्षित बताया। मेडीकल बोर्ड की रिपोर्ट मिलने के बाद हाईकोर्ट ने गर्भ समाप्त करने की अनुमति दी।
प्रदेश की सभी अदालतों को भेजे निर्देश
हाईकोर्ट ने आदेश की प्रति जबलपुर मुख्यपीठ, इंदौर और ग्वालियर बेंच के साथ प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों को भेजने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि मेडिकल बोर्ड की अधूरी या अस्पष्ट रिपोर्ट के कारण ऐसे मामलों में देरी न हो।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में अब ये 3 बातें जरूरी
हाईकोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, ऐसे मामलों को आगे भेजने से पहले निचली अदालतों को मेडिकल बोर्ड की स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसमें तीन बातें दर्ज होना अनिवार्य है।
पीड़िता की वर्तमान शारीरिक स्थिति।
गर्भ की सटीक अवधि यानी कितने सप्ताह का गर्भ है।
चिकित्सकीय रूप से गर्भपात संभव और सुरक्षित है या नहीं।
