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माइक्रोसॉफ्ट सर्वर डाउन होने से दुनियाभर में हड़कंप, कम्प्यूटर और बैंक, विमान सब प्रभावित

माइक्रोसॉफ्ट की तकनीकी समस्या के बाद गोवा एयरपोर्ट पर फंसे यात्री। इसी तरह की तस्वीरें हर एयरपोर्ट से आ रही हैं।

नई दिल्ली. भारत और अमेरिका समेत दुनियाभर के कई देशोंमें विमान सेवायें ठप्प हो गयी है। माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में परेशानी की वजह से उड़ान सेवाये प्रभावित हो रही है। कई कंपनियों के विमान उड़ान नहीं भर पा नरहे हैं। भारत में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स तय समय से देरी से चल रही है। भारत सरकार ने इन तकनीकी परेशानी के बाद माइक्रोसॉफ्ट से संपर्क किया है। कई देशों की सरकारों ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है।
स्पाइसजेट इंडिगो और अकासा एयरलाइंस ने भी इसी प्रकार की तकनीकी समस्या का हवाल दिया है। इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने बताया है कि सर्वर में परेशानी की वजह सेवाये ठप्प है। एयरपोट्र पर चेक-इन और चेक-आउट सिस्टम ठप हो गये हैं। बुकिंग सेवा भी प्रभावित हुई है। सिर्फ विमान सेवायें ही नहीं बल्कि कई देशों में बैंकिंग सेवाओं से लेकर टिकट बुकिंग और स्टॉक एक्सचेंज पर भी असर पड़ा है।
भारत में, 5 एयरलाइन- इंडिगो, स्पाइसजेट, अकासा एयर, विस्तारा और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि उनकी बुकिंग, चेक-इन और फ्लाइट अपडेट सर्विस इस तकनीकी समस्या से प्रभावित हुई है। एयरपोर्ट पर लोग सर्विसेज नहीं मिलने से परेशान हो रहे हैं।

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा- समस्या का पता लगा लिया है
माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर क्लाउड और माइक्रोसॉफ्ट 365 सर्विसेज में परेशानी आई है। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, “हमें समस्या की जानकारी है और हमने कई टीमों को इसे सुलझाने में लगाया है। हमने इसके कारण का पता लगा लिया है।”
क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है माइक्रोसॉफ्ट ऐज्योर
माइक्रोसॉफ्ट ऐज्योर क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है। ये एप्लिकेशन और सर्विसेज को बनाने, डिप्लॉय और मैनेज करने का काम करता है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट 365 प्रोडक्टिविटी सॉफ्टवेयर है, जिसमें वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट, आउटलुक और वन नोट जैसे लोकप्रिय एप्लिकेशन शामिल हैं।हैदराबाद और बेंगलुरु में ज्यादातर कॉर्पोरेट कंपनीज में वायरस अटैक की बात कही जा रही है। सिस्टम ब्लू स्क्रीन में आने के बाद रीस्टार्ट हो रहे हैं। हैदराबाद में कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को अगले 2 घंटे तक सिस्टम ऑफ करने को कहा है।

 

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अमेरिकी दूतावास के पास ड्रोन हमले में धमाके में 1 की मौत

नई दिल्ली. विस्फोट से पूर्व हवाई हमले का सायरन ही नही बजने की वजह से लोग सतर्क नहीं पाये और कई लोग घायल हो गये। जिनका उपचार चल रहा है। इजरायली सेना ने कहा है कि वह लड़ाकू विमानों द्वारा गश्त बढ़ायेगी। शुक्रवार की सुबह इजरायली के तेल अवीव में एक बड़ा धमाका सुना गया। जिसके बाद इजरायल रक्षाबलों ने पुष्टि की कि यह एक ड्रोन हमले की वजह से हुआ है। एक एम्बूलेंस सेवा ने कहा है कि एक व्यक्ति की छर्रे लगने से मौत हो गयी। उसका शव पास की एक इमारत में बेजान हालत में मिला। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक 8 लोगों की स्थानीय अस्पतालों में ले जाया गया। जिनमें से 4 छर्रे लगने या विस्फोट की शॉक वेव से घायल हो गये और अन्य 4 का उपचार किया जा रहा है। इजरायली सेना ने कहा है कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि ‘एक हवाई लक्ष्य’ – एक शब्द जिसका उपयोग सेना ड्रोन के लिये करती है ने तटीय शहर को प्रभावित किया।
एक सैन्य बयान आया है कि ड्रोन के बिना सायरन बजाये, इजरायली हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद मामले की ‘‘सघन जांच’’ की जा रही है। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक इसने यी भी कहा है कि वायुसेना इजरायली आसमान की रक्षा के लिये लड़़ाकू विमानों की गश्त बढ़ायेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि विस्फोट अमेरिकी दूतावास के बहुत नजदीक हुआ है। रिपोर्ट मेंबताया गया है कि विस्फोट से पूर्व तेल अवीव में कोई हवाई हमला सायरन सक्रिय नहीं किया गया था। यमन के हौथी उग्रवादियों के सैन्य प्रवक्ता ने बताया है कि समूल तेल अवीव को लक्षित करने वाले सैन्य अभियान के बारे में बतायेगा।

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डोनाल्ड ट्रम्प हमलावर मारा गया, हमलावर ने राइफल एआर-15 से 120 मीटर की दूरी से किया था फायर

Suspect who open fire on Donald Trump PA Rally

वॉशिंगटन. पेंसिल्वेनिया के बटलर में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रैली के बीच गोलीबारी की घटना हुई। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गयी और 2 गंभीर रूप से घायल हो गये। एक गोली ट्रम्प के दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को चीरकर निकल गयी। अमेरिका जांच एजेंसियों इस हमले को डोनाल्ड ट्रम्प की हत्या के प्रयास के रूप में देख रही है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात यूएस सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने हमलावर को घटनास्थल पर ही मार गिराया।

Donald Trump was seen at Newark Airport for the first time since the attack (AP/PTI)(AP07_14_2024_000058A)
हमलावर की पहचान बेधेल पार्क, पेंसिल्वेनियां के रहने वाले थॉमस क्रुकस के रूप में हुई है। जो एक 20 वर्षीय युवक था। बेथेल पार्क बटलर से करीब 40 मील दक्षिण में स्थित है। घटनास्थल से एक एआर-15 सेमी-ऑटोमेटिक राइफल बरामद हुई है। संभवतः इसी हथियार से युवक ने डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी रैली को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। यूएस सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्यवाही में हमलावर के सिर में गोली लगी और वह घटनास्थल पर ही ढेर हो गया।

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डोनाल्ड ट्रंप में लगी गोली से घायल, मूव-मूव ट्रंप पर गोली चलते ही चिल्लायें सीक्रेट सर्विस के एजेंट

डोनाल्ड ट्रंप को गोली लगने के बाद ले जाते हुए सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स

नई दिल्ली. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रीपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप पेंसिल्वेनिया के बटलर में चुनावी रैली को संबोधित कर थे कि इसी बीच उनको निशाना बनाकर फायरिंग की गयी। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दाहिने कान पर हाथ रखा और मंच के नीचे झुक गये। इस दौरान भीड़ में चीख पुकार मच गयी और लोग इधर-उधर भागने लगे। तुरंत सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने डोनाल्ड ट्रंप को घेर लिया।
रैली का जो वीडियो सामने आया उसमें दिख रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप मंच से रैली को संबोधित कर रहे हैं। तभी गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई देती है। सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स के मूव-मूव चिल्लाते हैं। गोलियां चलने के बाद डोनाल्ड ट्रंप कान पर हाथ लगाकर पोडियम के नीचे झुक जाते हैं और इसके बाद उनके सिक्योरिटी गार्ड उन्हें घेर लेते हैं।

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भारत से आवागमन और व्यापार होगा आसान, रूस में 2 नये काउंसलेंट खोले जायेंगे

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूस के 2 दिवसीय दौरे पर हैं। वह सोमवार को मॉस्को पहुंचे थे। जहां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उनका भव्य स्वागत कियाथा। मंगलवार को पीएम नरेन्द्र मोदी मॉस्को में भारतीय समुदाय के बीच पहुंचे थे। यहां वह रूस में बसे भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे। पीएम मोदी ने कहा है कि मैं आज यहां अकेले नहीं आया हूं। बल्कि अपने देश की मिट्टी की महक लेकर आया हूं। मैं 140 करोड़ देशवासियों का प्यार लेकर आया हूं। आज 9 जुलाई है। इस दिन की खास बात यह है कि मैंने इसी दिन प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इस तरह से मुझे तीसरी बार पीएम पद की शपथ लिये हुए एक महीना हो गया हैं।
रूस में 2 नये काउंसलेट खोले जायेंगे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज आपके साथ एक खुशखबरी साझा करना चाहता हूं। रूस के कजान और याकितरिमवर्ग में भारत के 2 नये काउंसलेट खुलने जा रहे हैं। इससे यहां आना-जाना और व्यापार और आसान हो जायेगा।
इस सरकार में 3 का अंक छाया हुआ है
उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा है कि मैंने शपथ ली थी कि तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर तीन गुनी रफ्तार से काम करूंगा। इस सरकार में 3 का अंक छाया हुआ है। हमें तीन गुनी रफ्तार से काम करना है। हमारा लक्ष्य भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। हमारा लक्ष्य 3 करोड़ लखपति दीदी बनाना है। देश को तीसरी अर्थव्यवस्था बनाना है। गरीबों के लिये 3 करोड घर बनाना है।

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8th Pay Commission के गठन को लेकर इस संगठन ने केन्द्र सरकार को लिखा पत्र

नई दिल्ली. 8वें वेतन आयोग -लोकसभा चुनाव खत्म होने और नई सरकार के सत्ता संभाल लेने के बाद ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेंडरेशन (AIRF) ने केन्द्र सरकार को एक पत्र लिखकर आठवें वेतन आयोग को गठित करने का आग्रह किया है। नया वेतन आयोग केन्द्र सरकार के कर्मचारियोंकेलिये वेतन और पेंशन में संभावित संशोधन को लेकर रिपोर्ट बनायेगा और अपनी सिफारिशें करेगा।
भारतीय रेलवे कर्मचारियों की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महासचिव शिवगोपाल मिश्रा ने भारत सरकार के कैबिनेट सचिव का एक पत्र लिखा है। इसमें केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों के वेतन/भत्ते/पेंशन और अन्य लाभों को संशोधित करने के लिये 8वें केन्द्रीय वेतन आयोग के तत्काल गठन की मांग की गयी है। इसके गठन का एक करोड़ से ज्यादा केन्द्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह सरकारी कर्मचारियों के वेतन और अन्य लाभों से संबंधित विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगा।
कब होगा 8वें वेतन आयोग का गठन
7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद से 10 साल के अंतराल के साथ, अगला वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होना चाहिये। केन्द्र आमतौर पर 2 अलग-अलग वेतन आयोगों के कार्यान्वयन के बीच 10 साल का अंतराल रखता है। लेकिन, केन्द्र अगले वेतन आयोग के गठन के मामले में अभी तक चुप रहा है। अब जबकि लोकसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं और मोदी 3.0 सत्ता में हैं। 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर चर्चा तेज हो गयी है।
अपने पत्र में एआईआरएफ ने सरकार से कहा है कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर 1 जनवरी 2016 में अमल किया गया था। हालांकि, जनवरी 2016 से न्यूनतम वेतन को संशोधित कर 26 हजार रूपये प्रतिमाह करने की मांग को खारिज कर दिया गया। 26 हजार रूपये के न्यूनतम वेतन की गणना आईएलसी मानदंडों और डॉ. एक्रोयड फॉर्मूला आदि के विभिन्न घटकों के आधार पर की गयी थी।
क्या है AIRF की न्यूनतम वेतन की मांग
संघ ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि उसने सीपीसी के समक्ष यह बात भी रखी है। राष्ट्रीय परिषद () के कर्मचारी पक्ष के प्रस्तावित न्यूनतम वेतन अब भी कम है। दुर्भाग्य से हमारे सभी तर्को को 7वें सीपीसी ने बिना किसी आधार के खारिज कर दिया और न्यूनतम वेतन के रूप् में 18 हजार रूपये की सिफारिश की है।

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ईवीएम पर राजनैतिक घमासान, राहुल बोले -ईवीएम ब्लैक बॉक्स है

नई दिल्ली. इलेक्ट्रनिक वोटिंग मशीन () को लेकर एक बार फिर से राजनीति में विवाद खड़ा गया है। मुंबई पुलिस ने शिवसेना शिन्दे गुट के सांसद रविन्द्र वायकर के रिश्तेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद एक बार फिर से ईवीएम की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में आ गयी है। इस पर विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और सर कार पर निशाना साधा है और साथ ही ईवीएम के मुद्दे पर टेस्ला के मालिक एलन मस्क और पूर्व केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री राजीव चन्द्रशेखर आमने-सामने आ गये हैं। इस मुद्दे को बढ़ता देख भारतीय चुनाव आयोग मुबई के मामले को लेकर शाम 4.30 बजे पत्रकारवार्ता करने का भी ऐलान किया है।
दरअसल, मुबई पुलिस ने रविवार को शिवसेना शिन्दे गुट के सांसद रविन्द्र वायकर के साले के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह एफआईआर लोकसभा चुनाव की मतगणना वाले दिन गोरेगांव चुनाव सेंटर के अन्दर पाबंदी होने के बावजूद मोबाइल का उपयोग करने का आरोप है। इसके साथ ही पुलिस ने मंगेश पांडिलकर को मोबाइल देने के आरोप में चुनाव आयोग ने एक कर्मचारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है।
राहुल – अखिलेश ने ईवीएम पर उठाये सवाल
ईवीएम पर रिएक्शन देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया हैण्डल पर EVM पर सवाल उठाते हुए ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहा है। किसी को भी उनकी जांच करने की अनुमति नहीं हैं। हमारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिन्तायें व्यक्त की जा रही है। जब संस्थानों में जवाबदेही की कमी हो जाती है। लोकतंत्र एक दिखावा बन जाता है और धोखाधडी का शिकार हो जाता है।
मुंबई के इस मामले के सामने आने के बाद विपक्षी नेता चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘टेक्नॉलजी समस्याओं को दूर करने के लिए होती है। अगर वही मुश्किलों की वजह बन जाए तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।  आज जब विश्व के कई चुनावों में EVM को लेकर गड़बड़ी की आशंका जाहिर की जा रही है और दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स EVM में हेराफेरी के खतरे की ओर खुलेआम लिख रहे हैं, तो फिर EVM के इस्तेमाल की ज़िद के पीछे की वजह क्या है, ये बात भाजपाई साफ़ करें.आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराने की अपनी मांग को हम फिर दोहराते हैं।

 

 

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कुवैत की इमारत में आग से 41 की मौत, मृतकों में 10 भारतीय, 5 केरल के हैं

नई दिल्ली. कुवैत के मंगाफ शहर की एक बिल्डिंग में आग लग गयी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गयी। इनमें से 10 भारतीय है, 5 केरल के रहने वाले थे। घटना में 50 से अधिक लोग घायल है। जिसमें 30 भारतीय है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कुवैत के समयानुसार यह घटना सुबह लगभग 6 बजे घटी।
लड़के इमारत के ग्राउंड फ्लोर की किचिन में लगी आग तेजी से पूरी इमारत में फैल गयी। कई लोग इमारत के अन्दर ही फंसे रह गये, आग लगने की कारण का अभी तक पता नहीं चला है। कुवैत टाइम्स की रिपोर्ट अनुसार इमारत में 160 से अधिक लोग रह रहे थें गृहमंत्री फहद अल-युसूफ ने यह भी बताया कि इमारत में कई लोग अवैध रूप से रह रहे थे। इसलिये अभी मरने वालों के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है।

 

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ईरान में राष्ट्रपति रईसी की अंतिम यात्रा प्रारंभ, रईसी की तस्वीर लेकर रोते नजर आये लोग, उमड़ी लाखों की भीड़

एक बड़ी गाड़ी में रईसी समेत सभी मारे गए लोगों के शव रखे हुए हैं। लोग इन्हें छूकर अंतिम विदाई दे रहे हैं।
एक बड़ी गाड़ी में रईसी समेत सभी मारे गए लोगों के शव रखे हुए हैं। लोग इन्हें छूकर अंतिम विदाई दे रहे हैं।
शोकसभा में लाखों की भीड़ उमड़ी।
शोकसभा में लाखों की भीड़ उमड़ी।
तबरिज में शोकसभा के दौरान ईरान के झंडे फहराए गए।
तबरिज में शोकसभा के दौरान ईरान के झंडे फहराए गए।
शहर के कई मौलवी और इमाम भी रोते नजर आए।
शहर के कई मौलवी और इमाम भी रोते नजर आए।
कुछ लोग रोते नजर आए।
कुछ लोग रोते नजर आए।
तेहरान की शोक सभा में महिलाएं भी पहुंचीं।
तेहरान की शोक सभा में महिलाएं भी पहुंचीं।
खामेनेई के प्रवक्ता अली हाशिम और रईसी की तस्वीर लेकर रोती महिला।
खामेनेई के प्रवक्ता अली हाशिम और रईसी की तस्वीर लेकर रोती महिला।

तेहरान. ईरान के तबरिज शहर में राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी सहित हेलीकॉप्टर क्रैश में मारे गये सभी 9 लोगों की अंतिम यात्रा निकाली जा रही है। न्यूज एजेंसी इरना के अनुसार यात्रा के दौरान लाखों लोगों की भीड़ सड़कों पर उतर आई हैं, लोगों के हाथ में रईसी की तस्वीर और ईरान का झंडा था। राष्ट्रपति को विदाई देते समय शहर के लोग रोते नजर दिखाई दिये। ईरान में राष्ट्रपति की मौत पर 5 दिन के शौक की घोषणा की गयी है। 23 मई को उन्हें ईरान के मशहद शहर में दफनाया जायेगा। यह वहीं शहर है जहां रईसी का जन्म हुआ था।
दरअसल, 19 मई को रईसी का हेलीकॉप्टर ईरान-अजरबैजान बॉर्डर के पास क्रैश हो गया था। इसमें विदेश मंत्री हुसैन अमीराब्दुल्लाहियान सहित कुल 9 लोग सवार थे। सभी के शवों को सोमवार को तबरिज शहर लाया गया।
जहां रईसी की मौत हुई, वहां इजराइल के मोसाद का गढ़ था
राष्ट्रपति की मौत की जांच के नतीजे अभी आने हैं, लेकिन बड़ा सवाल क्रैश साइट अजरबैजान को लेकर है। ईरान के पड़ोसी देश अजरबैजान से तनाव पूर्ण संबंध रहे हैं। अजरबैजान मध्य एशिया का इकलौता मुस्लिम देश है, जिसके इजराइल के साथ दोस्ताना रिश्ते हैं।रईसी का हेलिकॉप्टर अजरबैजान के पास जहां क्रैश हुआ वो पहाड़ी वाला दुर्गम इलाका इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद का गढ़ रहा है। यहां पर मोसाद के कई खुफिया एजेंट सक्रिय हैं। पिछले साल ईरान ने अजरबैजान में रहकर इजराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में एक महिला समेत चार लोगों को फांसी दी थी। फिलहाल ईरान ने खराब मौसम को क्रैश का कारण बताया है।दूसरी तरफ, ईरान में रईसी के हेलिकॉप्टर क्रैश की जांच शुरू हो गई है। न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी आर्म्ड फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मोहम्मद बघेरी ने एक हाई-रैंकिंग डेलिगेशन को जांच का जिम्मा सौंपा है। इसका नेतृत्व ईरान के ब्रिगेडियर अली अब्दुल्ला

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हेलीकॉप्टर क्रैश के तत्काल बाद ईरान ने अमेरिका से मांगी थी मदद, विदेश विभाग ने नहीं बताया नहीं क्यों

नई दिल्ली. अमेरिका ने सोमवार को कहा है कि उसके कट्टर दुश्मन ईरान ने अपने राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मदद की मांग की थी। अमेरिका ने कहा है कि रविवार का जब रईसी का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ तब ईरान ने उससे संपर्क किया और मदद मांगी।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि ईरान ने रईसी के हेलीकॉंप्टर क्रैश होने के बाद अमेरिका से मदद मांगी थी। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान और अमेरिका का कूटनीतिक संबंध नहीं रहा है। विदेश विभाग ने प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक पत्रकार वार्ता में कहा है कि ईरानी सरकार ने हमसे सहायता मांगी थी। हमने कहा है कि हम मदद करने को राजी है। ऐसी स्थिति मे ंहम किसी भी सरकार की ऐसी मदद को तैयार रहते हैं। आखिरकार लॉजिस्टिक कारणों से हम मांगी गयी मदद करने में असमर्थ थे।


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