News

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

जीवाजी विश्वविद्यालय की फीस बढ़ोतरी का छात्रों ने किया विरोध

ग्वालियर. जीवाती विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिनन प्रशासनिक और अकादमिक सेवाओं की फीस में की गई वृद्धि पर छात्रों की नाराजगी के बाद संशोधन के संकेत दिए है। कुलगुरू प्रो. रामकुमार आचार्य ने छात्रों की मांगों पर विचार करने की बात कही है। कुलगुरू रामकुमार आचार्य ने बताया कि फीस वृद्धि को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की कुछ मदों में साल 2012 के बाद से कोई फीस वृद्धि नहीं हुई थी। इन मदों की समीक्षा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक समिति का गठन किया था।
छात्रों की आपत्ति का असर, लिया गया अहम निर्णय
समिति ने विभिन्न सेवाओं की फीस का अध्ययन करने के बाद अपनी अनुशंसाएं विश्वविद्यालय को सौंपी थीं। कुलगुरु के अनुसार, समिति ने फीस तय करते समय मध्यप्रदेश के अन्य शासकीय विश्वविद्यालयों में लागू शुल्क का भी तुलनात्मक अध्ययन किया था। इसके आधार पर जीवाजी विश्वविद्यालय में प्रस्तावित फीस निर्धारित की गई थी। कुलगुरु ने यह भी कहा कि संशोधित फीस लागू होने के बाद भी जीवाजी विश्वविद्यालय की फीस प्रदेश के अन्य शासकीय विश्वविद्यालयों की तुलना में कम ही थी। हालांकि, छात्रों की ओर से फीस में अत्यधिक वृद्धि को लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन अब इसमें राहत देने की तैयारी में है। कुलगुरु ने स्पष्ट किया कि छात्रों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित फीस में संशोधन किया जाएगा और इसे अधिक युक्तिसंगत बनाया जाएगा।
500-1000 तक हुई थी फीस में वृद्धि
दरअसल, विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कई सेवाओं की फीस में बड़ी वृद्धि प्रस्तावित की गई थी। इसमें ट्रांसक्रिप्ट की फीस 210 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए, पात्रता प्रमाण-पत्र अटेस्ट की फीस 150 से बढ़ाकर 700 रुपए और पात्रता प्रमाण-पत्र सामान्य की फीस 100 से 400 रुपए करने का प्रस्ताव था। इसी तरह, टीसी सामान्य की फीस 50 से 200 रुपए और माइग्रेशन अटेस्ट की फीस 150 से बढ़ाकर 500 रुपए करने का प्रस्ताव था। इसके अतिरिक्त, री-टोटलिंग, डुप्लीकेट अंकसूची और नाम परिवर्तन जैसी अन्य सेवाओं की फीस में भी वृद्धि की गई थी।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

तिघरा का जलस्तर घटा, ककैटो-अपर ककैटो भी खाली; ग्वालियर में गहरा सकता है जल संकट

ग्वालियर. मानसून में ब्रेक के बीच तिघरा बांध का जलस्तर फिर घटने लगा है। वर्तमान में बांध का जलस्तर करीब 726 फीट है। इसके चलते शहर में 1 अगस्त से लागू एक दिन छोडकर जलप्रदाय व्यवस्था आगे भी जारी रहने की संभावना है। जलस्तर में अपेक्षित बढोतरी नहीं हुई तो आने वाले समय में दो दिन के अंतराल से पानी देने की स्थिति भी बन सकती है। इस बार तिघरा के अलावा जलापूर्ति के लिए कोई वैकल्पिक स्त्रोत भी उपलब्ध नहीं है। 2 साल पहले अल्पवर्षा के दौरान तिघरा का जलस्तर कम होने पर ककैटो और अपर ककैटो बांध से पानी लिफ्ट कर तिघरा में लाने की तैयारी की गई थी। इस बार इन दोनों बांधों में भी पर्याप्त पानी नहीं है।
आगे की स्थिति पूरी तरह मानसून पर निर्भर
ऐसे में आकस्मिक परिस्थिति में वहां से पानी लिफ्ट करने का विकल्प भी फिलहाल समाप्त हो गया है। अफसरों के अनुसार वर्तमान जलस्तर से करीब चार माह तक शहर की जरूरत पूरी की जा सकती है। हालांकि आगे की स्थिति पूरी तरह मानसून पर निर्भर है। यदि वर्षा होती है और तिघरा का जलस्तर 730 फीट से ऊपर पहुंचता है तो एक दिन छोडकर जलप्रदाय की व्यवस्था सालभर तक जारी रखी जा सकती है। इसके विपरीत यदि बांध में पानी की आवक नहीं बढी तो जल संकट से निपटने के लिए दो दिन के अंतराल से जलप्रदाय का विकल्प अपनाना पड सकता है।
बता दें कि शहर की जलापूर्ति का मुख्य आधार तिघरा है। तिघरा के अपस्ट्रीम में ककैटो और अपर ककैटो बांध होने के बावजूद इस बार वहां से मदद मिलने की उम्मीद नहीं है। दोनों जलाशयों में भी पानी की कमी के कारण उन्हें वैकल्पिक स्त्रोत के रूप् में इस्तेमाल करना संभव नहीं है। ऐसे में इस बार शहर ही जलापूर्ति पूरी तरह तिघरा के पानी की आवक पर निर्भर हो गई है।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

चीनी के दाम घटने के आसार, आयात हुआ टैक्स फ्री

नई दिल्ली. आने वाले दिनों में चीनी सस्ती हो सकती है। केंद्र सरकार ने इसके आयात को टैक्स फ्री कर दिया है। चीनी के लगातार बढते दामों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है। ये छूट 31 अक्टूबर तक रहेगी। अभी चीनी रिटेल में 55 प्रति किलो के करीब बिक रही है। सरकार के आदेश के अनुसार चीनी इस खेप का आयात आज से लेकर 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करना होगा।
आम जनता को महंगे दामों से राहत मिलेगी
भारत दुनिया में चीनी का सबसे बडा उपभोक्ता है। अक्टूबर के दौरान देश में दिवाली और दुर्गा पूजा जैसे बडे त्योहार आते है जिसमें मिठाई, केक और पकवानों की भारी डिमांड के कारण शक्कर की खपत सबसे ज्यादा होती है। इसके अलावा बिस्कुट और मिठाई कंपनियां भी चीनी का स्टॉक जमा करने लगती है। त्योहारों से ठीक पहले बिना टैक्स के इतनी बडी मात्रा में चीनी बाजार में आने से सप्लाई चेन मजबूत होगी और हलवाइयों से लेकर आम जनता को महंगे दामों से राहत मिलेगी।
चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक रहेगा बैन
सरकार ने देश में शक्कर की कमी न हो इसलिए इसके निर्यात पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। यह रोक 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकार ने चीनी को पूरी तरह प्रतिबंधित कैटेगरी में डाल दियाहै यानी अब सरकार को इजाजत के बिना कोई भी व्यापारी देश से बाहर चीनी नहीं बेच पाएगा।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

चार और जरूरतमंद महिलाओं ने शक्ति दीदी बनकर थामा आत्मनिर्भरता का हाथ

अब तक 127 महिलाएं बन चुकी हैं शक्ति दीदी 
ग्वालियर – कभी रोजगार की तलाश में घर की चौखट तक सीमित रहने वाली अपनों से उपेक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जरूरतमंद महिलाएं पेट्रोल पंपों पर सफलतापूर्वक फ्यूल डिलीवरी की जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं। इन महिलाओं के हाथ सिर्फ वाहनों में ईंधन ही नहीं भर रहे, बल्कि मान-सम्मान व आत्मविश्वास के साथ अपने और परिवारजनों के जीवन में सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई ऊर्जा भी भर रहे हैं। ग्वालियर जिले में ‘शक्ति दीदी’ के रूप में हुआ नवाचार महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बन गया है। गुरुवार को जिले की 4 और जरूरतमंद महिलाएं शक्ति दीदी बनीं। जिले में अब 127 महिलाएं सफलतापूर्वक शक्ति दीदी के रूप में फ्यूल डिलीवरी वर्कर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
 कलेक्टर रुचिका चौहान ने शक्ति दीदी नवाचार किया है। यह नवाचार जरूरतमंद महिलाओं को केवल रोजगार देने के लिए ही नहीं , उन्हें समाज में सम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ा करने के उद्देश्य से किया गया है।  ‘शक्ति दीदी’ बनकर महिलाएं स्वयं की पहचान तो बना ही रही हैं, साथ ही परिवार की आर्थिक मजबूती में भी सहभागी बनीं हैं।
गुरुवार को हुरावली स्थित एचपीसीएल सर्विस सेंटर पर शक्ति दीदी नवाचार के तहत सम्मानपूर्वक फूल मालाएं व जैकेट पहनाकर मंजू, काजल और पूनम को फ्यूल डिलीवरी वर्कर की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं कलेक्ट्रेट के पीछे जिला पंचायत रोड स्थित वैश्य एंड मुखर्जी पेट्रोल पंप पर अपर जिला दण्डाधिकारी सीबी. प्रसाद की मौजूदगी में सीमा सोलंकी ‘शक्ति दीदी’ बनीं।
शक्ति दीदियों बोलीं हमें रोजगार ही नहीं सम्मान व आत्मविश्वास भी मिला है….
फ्यूल डिलेवरी वर्कर की भूमिका निभा रहीं मंजू, काजल एवं अन्य शक्ति दीदियों का कहना है कि हमें केवल रोजगार ही नहीं, सम्मानपूर्वक आगे बढ़ने का भी अवसर मिला है। शक्ति दीदियां कहती हैं कि पेट्रोल पंप पर जब हम फ्यूल डिलीवरी वर्कर की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाते हैं, तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ जाता है। साथ ही ऐसा लगता है कि अब हम किसी के सहारे के मोहताज नहीं, बल्कि अपने परिवार का सहारा हैं। यह नवाचार उन महिलाओं के लिए उम्मीद की बड़ी किरण बन गया है, जो परिस्थितियोंवश परेशान रहीं हैं।
Newsमप्र छत्तीसगढ़

मूक-बधिर दंपति के लिये उम्मीद, सम्मान और स्वावलंबन का नया ‘‘इशारा‘‘, मुख्य न्यायाधिपति ने किया ‘‘इशारा कैफे” का उदघाटन

ग्वालियर –  मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर परिसर में गुरुवार एक ऐसी मानवीय एवं प्रेरणादायी पहल का शुभांरभ हुआ, जिसने सकारात्मक न्याय के साथ-साथ सम्मानजक पुनर्वास और स्वावलंबन की दिशा में एक नई मिसाल स्थापित की।  यहाँ बात हो रही है उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर परिसर में शुरू हुए “इशारा कैफे” की, जिसका संचालन एक दिव्यांग (मूक-बधिर) दंपति द्वारा किया जायेगा।  गुरुवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति विवेक रूसिया द्वारा इसका उदघाटन किया गया।
एक मूक-बधिर दंपति (श्रीमती पूजा- दीपक गुप्ता ) जिनका वैवाहिक विवाद लगभग 08 वर्षो से न्यायालय में लंबित था। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सराहनीय पहल से मीडियेशन के माध्यम से उनका आपसी विवाद सफलतापूर्वक सुलझाया गया।  इस प्रकरण की विशेष उपलब्धि यह रही कि इन दंपति का मीडियेशन भी प्रशिक्षित मूक-बधिर मध्यस्थों तथा सांकेतिक भाषा में दक्ष मध्यस्थों ने मिलकर किया।  संवाद की बाधाओं को दूर करते हुये दोनों पक्षों के बीच समझ और विश्वास का वातावरण निर्मित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दंपति ने अपने मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया।   मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने केवल विवाद के समाधान तक अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि दंपति के पूर्ण पुनर्वास एवं आर्थिक सशक्तिकरणकी दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया।
‘‘इशारा कैफे‘‘ इस बात का जीवंत उदाहरण है कि न्याय केवल विवाद का समाधान नहीं, बल्कि व्यक्ति को सम्मान के साथ पुनः खड़ा करने का माध्यम भी है।  यह पहल समाज के मूक-बधिर वर्ग को मुख्यधारा से जोडने, उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इशारा कैफे के शुभारंभ अवसर पर मुख्य न्यायाधिपति विवेक रूसिया सहित मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ-ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया, न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला, न्यायमूर्ति आशीष श्रोती, न्यायमूर्ति अमित सेठ, न्यायमूर्ति पवन द्विवेदी, न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत, न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता, प्रधान जिला न्यायाधीश ललित किशोर व प्रधान जिला न्यायाधीश (सतर्कता) जाकिर हुसैन,  खण्डपीठ-ग्वालियर के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार राजीव के. पाल व ओएसडी/रजिस्ट्रार ऋतुराज सिंह चैहान, कलेक्टर रूचिका चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, जिला न्यायालय के न्यायाधीश, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पवन पाठक व सचिव महेश गोयल, अतिरिक्त महाधिवक्तागण व डिप्टी सॉलीसिटर जनरल, सीनियर एडवोकेट्स सहित अन्य अधिवक्तागण, उच्च न्यायालय में पदस्थ न्यायिक व पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे।
Newsमप्र छत्तीसगढ़

बेशकीमती 0.606 हेक्टेयर 18.18 करोड़ रुपये कीमत की सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई

ग्वालियर – सरकारी जमीन को अतिक्रमण कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार मुहिम चलाई जा रही है। जिसके तहत गुरुवार को जिला प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई कर राजस्व अनुविभाग झांसी रोड के अंतर्गत ग्राम बाराघाटा क्षेत्र में स्थित बेशकीमती लगभग 0.606 हेक्टेयर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम के संयुक्त दल ने कार्रवाई करते हुए सर्वे क्रमांक 62 में स्थित इस जमीन से बेजा कब्जा हटाकर शासन के आधिपत्य में लिया। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई शासकीय भूमि का मूल्य लगभग 18 करोड़ 18 लाख रुपये आंका गया है।
एसडीएम झाँसी रोड अतुल सिंह  के अनुसार इस शासकीय भूमि पर अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा पक्का निर्माण कर टीन शेड से ढककर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। साथ ही, भूमि पर 2 बड़े गोदाम बनाए गए थे, जिनसे किराया भी वसूला जा रहा था। अतिक्रमण हटाने के लिए न्यायालय तहसीलदार वृत्त महलगांव, तहसील सिटी सेंटर द्वारा गत 5 अगस्त 2026 को अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध बेदखली आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में 7 दिवस के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर 20 अगस्त को जिला प्रशासन की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी  झांसी रोड, तहसीलदार महलगांव, तहसीलदार मेहरा, राजस्व निरीक्षक, पटवारियों सहित पुलिस बल एवं नगर निगम ग्वालियर का दल मौके पर मौजूद रहा।
Newsमप्र छत्तीसगढ़

लाठी-डंडों से किराना व्यापारी का पीटने से हालत गंभीर, अस्पताल में तोड़ा दम, 7 हमलावरों को पड़ने के लिये पुलिस दे रही है दविश

पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े मृतक के परिजन

ग्वालियर. गिरवाई थाना इलाके स्थित बेला की बावडी पर सामान खरीदने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया है। विवाद की रंजिश में हमलावरों ने किराना व्यापारी और उनके भतीजे की लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। गंभीर रूप स घायल 38 वर्षीय किराना संचालक रामनिवास गुर्जर ने उपचार के बीच अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल है।
क्या है मामला
मृतक के भतीजे अमन गुर्जर के अनुसार, 15 अगस्त को आरोपी मेहताब गुर्जर और साहब सिंह गुर्जर दुकान पर सामान लेने आए थे। इसी दौरान दोनों से कहासुनी हो गई थी। इसी रंजिश के चलते 16 अगस्त की शाम करीब 8 बजे मेहताब और साहब सिंह अपने 5 अन्य साथियों के साथ कार से पहुंचे। लाठी-डंडों लेकर आए हमलावरों ने दुकान पर मौजूद रामनिवास और अमन पर हमला कर दिया। सिर, आंख और बाएं हाथ में चोट लगने से रामनिवास लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़े।
आरोपियों को पकड़ने के लिये पुलिस दविश जारी
गंभीर हालत में परिजन 17 अगस्त को रामनिवास को कंपू स्थित 100 बिस्तर के अस्पताल लेकर पहुंचे, डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्होंने उपचार के बीच में ही दम तोड़ दिया। गिरवाई थाना सीएसपी शैलेन्द्र शर्मा ने बताया है कि पुलिस ने मेहताब सिंह गुर्जर और साहबसिंह गुर्जर सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगतार दविश दे रही है।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

डबल मर्डर और आत्महत्या लखनऊ में, पत्नी और बहन को गोली मारने के बाद स्वयं को किया शूट

लखनऊ. उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ क पॉश इलाके गोमतीनगर में गुरूवार को एक युवक ने पत्नी और अपनी बहन को सरेआम गोली मार दी। जिससे उन दोनों की मौत हो गयी। उन दोनों का शूट करने के बाद आरोपी ने स्वयं को भी गोली मार ली। जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस गोलीकांड से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गयी है। एक मृतका की पहचान दिव्या मिश्रा के रूप में हुई जो कि आईसीआईसी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थी। दिव्या आरोपी की पत्नी बताई जा रही है। जबकि दूसरी महिला की शिनाख्त सीमा वाजपेई के रूप में हुई है। वह आरोपी मानस की बहन थी। वारदात बैंक के ठीक बाहर हुई है। जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।


घटना की सूचना मिलते ही गोमतीनगर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। हत्या की वजहों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस की शुरूआती जांच में पति-पत्नी के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाओं पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई, जिसके बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं. बाद में दोनों की मौत हो गई.फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. गोली लगने के बाद दिव्या और दूसरी महिला खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गईं, जबकि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया.

 

 

 

Newsमप्र छत्तीसगढ़

‘रामाष्टकम्’ की भक्ति, ‘तराना’ की लय और ‘बरखा ऋतु आई, आई साँवरिया’ के सावन-श्रृंगार ने बिखेरे कथक के विविध रंग

ग्वालियर -राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर के स्थापना दिवस समारोह में बुधवार को कथक नृत्य विभाग की विशेष प्रस्तुति “कथक त्रिवेणी” आकर्षण का केंद्र रही। विभाग के भूतपूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों ने “रामाष्टकम्”, “तराना” तथा “बरखा ऋतु आई, आई साँवरिया” के माध्यम से कथक के भक्ति, शुद्ध नृत्य, लय, भाव और श्रृंगार पक्ष को प्रभावपूर्ण ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया।
तीनों प्रस्तुतियों की संकल्पना, नृत्य निर्देशन एवं कोरियोग्राफी कथक नृत्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजना झा द्वारा की गई। भूतपूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों का एक साथ मंच पर आना प्रस्तुति का विशेष आकर्षण रहा और गुरु–शिष्य परंपरा की निरंतरता को भी रेखांकित किया।
‘रामाष्टकम्’ में साकार हुई श्रीराम की भक्ति
प्रस्तुति का शुभारंभ भगवान श्रीराम को समर्पित “रामाष्टकम्” से हुआ। विभाग के भूतपूर्व छात्र-छात्राओं ने कथक की नृत्यभाषा में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श, करुणा, शौर्य और आध्यात्मिक स्वरूप को प्रस्तुत किया। भावाभिनय, हस्त-मुद्राओं, पद-संचालन एवं नृत्य-विन्यास ने प्रस्तुति को भक्तिमय स्वरूप प्रदान किया।इस प्रस्तुति में संदीप शर्मा, विनीता कुशवाह, दामिनी सालवी, चंचल वर्मा, अदिति ओझा एवं तरुषी श्रीवास्तव ने सहभागिता की।
‘तराना’ में गूंजी घुंघरुओं की झंकार
दूसरी प्रस्तुति “तराना” में कथक की लयात्मकता, गति और शुद्ध नृत्य पक्ष का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। तीव्र पद-संचालन, आकर्षक चक्कर, लयकारी एवं समूह नृत्य-विन्यास ने प्रस्तुति को ऊर्जावान बनाया। भूतपूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से मंच साझा करते हुए कथक की समृद्ध तकनीकी विशेषताओं को प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में अनन्या सिंह, आन्या सिंह, विवेक जैन, मुस्कान लिखार, विवेक राजावत एवं गरिमा वर्मा ने सहभागिता की।
‘बरखा ऋतु आई, आई साँवरिया’ में मंच पर उतरा सावन
तीसरी प्रस्तुति “बरखा ऋतु आई, आई साँवरिया” ने सावन की रिमझिम, प्रकृति के उल्लास, प्रेम और साँवरिया के आगमन की प्रतीक्षा को कथक के भाव-संसार में साकार किया। कलाकारों ने मुद्राओं एवं भावाभिनय के माध्यम से वर्षा ऋतु की उमंग, हरियाली और नायिका के मन की कोमल अनुभूतियों को सुंदरता से अभिव्यक्त किया।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

मुरार जिला अस्पताल में दवाओं का संकट, गरीब मरीज बाहर से दवाएं खरीदने को मजबूर

ग्वालियर. जिला अस्पताल मुरार की न्यूरो ओपीडी में इलाज और परामर्श के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल की दवा वितरण खिड़की से जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद जब मरीज दवा लेने पहुंचते हैं, तो दवाएं उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से खरीदना पड़ रही है। दर्द से राहत और गैस संबंधी दवाओं की उपलब्धता भी प्रभावित बताई जा रही है।
कई मरीज अस्पताल के भरोसे
न्यूरो ओपीडी में प्रतिदिन करीब 60 से अधिक मरीज उपचार और परामर्श के लिए पहुंचते हैं। इनमें ऐसे मरीज भी शामिल हैं, जो लंबे समय से न्यूरो संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं और जिन्हें नियमित रूप से दवाओं का सेवन करना पड़ता है। अस्पताल में दवा नहीं मिलने पर इन मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की मजबूरी बन रही है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज सरकारी अस्पताल में इस उम्मीद से पहुंचते हैं कि उन्हें जांच, चिकित्सकीय परामर्श के साथ जरूरी दवाएं भी अस्पताल से मिल जाएंगी, लेकिन दवाएं उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें निजी मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ता है।
स्टाक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
न्यूरो ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनाए रखना अहम है। मरीजों की परेशानी यह है कि सरकारी अस्पताल में उपचार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दवा के लिए उन्हें निजी मेडिकल स्टोर जाना पड़ रहा है। ऐसे में दवा आपूर्ति और स्टाक प्रबंधन को नियमित रखने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि मरीजों को उपचार के साथ जरूरी दवाएं भी अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध हो सकें।

 

hacklink satın al coinbar coinbar giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş güncel alobet alobet giriş betcio betcio giriş betcio betcio giriş holiganbet giriş holiganbet jojobet jojobet giriş meritking meritking giriş meritking meritking giriş meritking giriş meritking jojobet güncel giriş best online casinos in new zealand holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş betcio betcio giriş alobet alobet giriş atlasbet atlasbet giriş pashagaming pashagaming giriş pashagaming pashagaming giriş madridbet madridbet giriş kingroyal kingroyal giriş grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet güncel giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet güncel giriş atlasbet atlasbet giriş atlasbet güncel giriş jasminbet jasminbet giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş meritking meritking giriş meritking güncel giriş pashagaming pashagaming giriş pashagaming güncel giriş betcio betcio giriş betcio güncel giriş imajbet tlcasino esbet matbet sonbahis betpuan sekabet vdcasino mercurecasino casinomilyon casinoroyal grandpashabet pusulabet perabet perabet giriş perabet perabet giriş