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ऑनर किलिंग-लोक लाज के डर से पिता ने बेटी को मारी गोली

ग्वालियर. भिण्ड में ऑनर किलिंग का दिल दहला देने वाला मामला नजर में आया है। खिरिया थाापक गांव में एक पिता ने बदनामी के डरसे अपनी 21 वर्षीय शादीशुदा बेटी को गोली मारकर हत्या कर दी। घटना मंगलवार की शाम बताई गयी है। आरोपी बेटी को बहला-फुसलाकर गांवके बाहर सरसों के खेत में ले गया और वहां कट्टे से उसकी छाती पर गोली मार दी।
मृतका की पहचान निधि धानुक 21, के रूप में की गयी है। उसकी शादी एक माह पूर्व यानी 11 दिसम्बर को ग्वालियर के गुड़ागुड़ी का नाका निवासी देवू धानुक से हुई थी। 28 दिसंबर को निधि अपने पति के साथ ग्वालियर के महाराज बाड़ा शॉपिंग करने गयी थी। वहां से वह पति को पानी लाने भेजकर अचानक गायब हो गयी। इसके बाद ससुराल और मायके पक्ष ने उसकी काफी तलाश की थी।
बेटी की हत्या के बाद पत्नी को बताई
मेहंगाव थाना पुलिस के मुताबिक मंगलवार की शाम को निधि अपने पिता मुन्नेश धानुक से मिलने पहुंची थी। इसी बीच पिता उसे गांव ले आया और रात में सुनसान खेत में ले जाकर गोली मार दी। घटना की जानकारी निधि की मां पूजा ने पुलिस को दी। सूचना मिलने पर बुधवार की सुबह पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और खेत से युवती का शव बरामद किया। ग्रामीणों के अनुसार निधि का गांव के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग था। जो कि रिश्ते में चाचा लगता था। ऐसा बताया गया है कि लापता होने के बाद निधि खुद ग्वालियर कोतवाली पुलिस के सामने पेश हुई थी और बालिग होने के नाते अपनी मर्जी से जाने की बात कहीं थी। इसी बात से नाराज होकर और लोक-लाज के डर से पिता ने यह खौफनाक कदम उठाया।
वारदात में इस्तेमाल हथियार नहीं मिला
मेहगांव एसडीओपी संजय कोच्छा ने बताया कि आरोपी पिता मुन्नेश धानुक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है और वारदात में प्रयुक्त हथियार की तलाश की जा रही है। मामले की गहन जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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मैं नहीं जानता था कि दिग्विजय सिंह जी क्या चाहते है। अब मैं बाहर हूं तो मैं कैसे जानूंगा – ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर. केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ने के बयान पर तंज कसा है। सिंधिया ने ग्वालियर में कहा है कि जब मैं कांग्रेस में था तब भी मैं नहीं जानता था कि दिग्विजय सिंह जी क्या चाहते है। अब मैं बाहर हूं तो मैं कैसे जानूंगा कि वह क्या चाहते है।
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के पीछे राज्यसभा चुनावएक बड़ी वजह थी। उस वक्त लोकसभा चुनाव हारने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा जाने की चर्चा थी। लेकिन दिग्विजय सिंह के राज्यसभा जाने पर दिग्गी राजा और महाराजा सिंधिया केबीच तल्खियां बढ़ गयी थी।
दिग्विजय सिंह द्वारा वर्तमान कार्यकाल पूरा होने पर राज्यसभा न जाने की इच्छा जाहिर किये जाने के सवाल के जबाव देते हुए सिंधिया ने कहा है कि यह उनकी और कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी बात है। उन्होंनें कहा है कि मैं इस पर क्या टिप्पणी करू, मैं क्या जानूं वह क्या चाहते है। जब मैं कांग्रेस मेंथा तब भी मैं नहीं जानता था दिग्विजय सिंह क्या चाहते थे। अब मैं बाहर हूं तो मैं कैसे जानूंगा कि वह क्या चाहते है। वहीं, पिछले दिनों दिग्विजय सिं द्वारा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा की तारीफ किये जाने पर सिंधिया ने टिप्पणी की। देर आये पर दुरूस्त आये। यह अच्छी बात है कि राहुल गांधी के 17 तारीख को इन्दौर दौरे के सवाल पर सिंधिया ने कहा है कि वह जरूर जाये। इसमें कोई कठिनाई नहीं है। यह प्रजातंत्र है।
क्या है मामला
आपको बता दे कटारे फार्म के पास स्मार्ट सिटी द्वारा निर्मित थीम पार्क का जायजा लेने पहुंचे थे सिंधिया ।उन्होंने कहा कि आज शौर्य स्मारक का भी निरीक्षण किया है,एक बहुत अच्छा भविष्य की पीढ़ी के लिए एक नया स्थल बन रहा है और भविष्य की पीढ़ी भी अपने पूर्वजों के बलिदान याद रखें इसलिए यह स्मारक भी बनाया जा रहा है,बहुत सुंदर डिजाइन ग्वालियर के पत्थर से हम लोग बनाने की कोशिश कर रहे हैं,इसकी आकृति में भी ग्वालियर की संस्कृति और परंपरा रहे सारे शहीदों जिन्होंने पिछले हजार वर्षों से अपने जीवन का बलिदान दिया है उनके लिए यह स्मारक यहां बनेगी, ग्वालियर चंबल की धरती ने भी बहुत सारे वीर सूरमाओं को जन्म दिया है जिन्होंने सरहद पर देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिया है, उनको भी याद किया जाएगा और भविष्य यहां प्रवेश करेगा तो वह भविष्य अपने पूर्वजों को सामने माथा टेक कर फिर अपने भविष्य का भी निर्माण करेगा।

 

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पतंग बाजी के साथ लिया पारंपरिक खेलों का आनंद, हर्षो उल्लास के साथ मनाया मकर संक्रांति पर्व एवं आनंद उत्सव 

ग्वालियर – मकर संक्रांति के पर्व पर नगर निगम द्वारा आनंद उत्सव 2026 और आम जनों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बालभवन में पतंगबाजी, रस्सा कस्सी, डॉस बाल एवं चेयर रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता में बडी संख्या में प्रतिभागियों ने रंग बिरंगी पतंगे आसमान में उडाईं। रस्सा कस्सी एवं चेयर रेस का आयोजन किया गया।
बाल भवन में आयोजित पतंगबाजी, रस्सा कस्सी, डॉस बाल एवं चेयर रेस प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में लेखा समिति के अध्यक्ष अनिल सांखला एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्षद मनोज राजपूत ने की। प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया।
आनंद उत्सव 2026 के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में लेखा समिति के अध्यक्ष अनिल सांखला ने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी और कहा कि हर्षो उल्लास के पर्व मकर संक्रांति को हमें स्वच्छता के साथ मनाना है। कार्यक्रम का संचालन सहायक खेल अधिकारी श्री अयोध्या शरण शर्मा ने किया। खेल प्रतियोगिताओं का संचालन सहायक खेल अधिकारी जितेन्द्र यादव एवं सहायक खेल अधिकारी ने किया। कार्यक्रम में आनंदम विभाग से वेदसिंह राजपूत, दीपक झा सहित अन्य अधिकारी एंव कर्मचारी उपस्थित रहे।
नगर निगम ग्वालियर द्वारा बाल भवन पर रस्साकशी, चेयर रेस, डॉस बाल एवं पतंगबाजी आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, उक्त प्रतियोगिताओं में लगभग 250 प्रतिभागियों द्वारा भाग लिया गया, जिसमें पुरुष रस्साकशी में कामाख्या क्लब टीम प्रथम एवं महिला रस्साकशी में भी कामाख्या क्लब विजेता रही तथा दूसरे स्थान पर स्व सहायता समूह की महिलायें रहीं, डॉस बाल में गीता बाल विद्या मंदिर स्कूल की टीम विजेता रही तथा चेयर रेस व पतंग बाजी में क्रमशः भावना कुरदेशिया व रंजीत सिंह के द्वारा प्रथम स्थान हासिल किया गया।
इसके साथ ही आनंद उत्सव के अंतर्गत 17 जनवरी को गालव एकेडमी रूप सिंह स्टेडियम के पीछे सिटी सेंटर ग्वालियर महिला क्रिकेट का आयोजन किया जा रहा है उसके साथ-साथ अन्य प्रतियोगिता भी की जाएगी

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महाराज बाड़ा स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में भरा पानी, 2 फ्लोर रहेंगे बंद

ग्वालियर | इस साल अगस्त से हो रही झमाझम बारिश महाराज बाड़ा पर बन रही मल्टीलेवल कार पार्किंग के लिए परेशानी बन चुकी है। मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाने के लिए खोदी गई बेसमेंट में लगातार पानी भर आ रहा है। इसके कारण मल्टीलेवल कार पार्किंग के नीचे के 2 फ्लोर सुरक्षा कारणों से बंद ही रखे जाएंगे। स्मार्ट सिटी प्रशासन कार पार्किंग के अंदर भरे पानी को खाली कराएगा, लेकिन बरसात में लगातार होने के कारण वहां पानी निकलवाना संभव नहीं हो रहा है। महाराज बाड़ा पर मल्टीलेवल बनने से प्रतिदिन मल्टीलेवल कार पार्किंग की बारिश में चारों तरफ से पानी निकल रहा है। इसके कारण नीचे वाले तल में लगभग 8 से 10 फीट पानी भर चुका है। इसके चलते अधिकारियों ने भी नीचे जाना बंद कर दिया है। वहीं मल्टीलेवल कार पार्किंग में नीचे वाले 2  तल को लगभग डेढ़ साल तक बंद रखा जाएगा। वहीं मानसून में मल्टीलेवल कार पार्किंग का कार्य पूर्ण हो जाएगा, ऐसे में नीचे के 2 फ्लोर पूरी तरह से बंद रहेंगे। इससे मल्टीलेवल कार पार्किंग में आने वाली गाड़ियों की संख्या आधी रहेगी।
200 कारें ही आ पाएंगी पार्किंग में
महाराज बाड़ा पर बन रही मल्टीलेवल कार पार्किंग में लगभग 550 कारों को रखने की जगह है, लेकिन दो फ्लोर बंद रहने के कारण इसमें लगभग 200 से 250 कारों को ही पार्क किया जा सकेगा।
जमीन से 20 फीट नीचे बनी है पार्किंग
मल्टीलेवल कार पार्किंग का निर्माण बेसमेंट में किया गया है। इसके बाद लगभग दो फ्लोर बेसमेंट में बने हैं। इसी बेसमेंट में पार्किंग की गई है। जिससे मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण में आने वाली पानी की समस्या को पूरा किया जा सके।
महाराज बाड़ा क्षेत्र के सभी वाहनों को पार्क करने की है योजना
महाराज बाड़ा पर टोपी बाजार, सुभाष मार्केट, नजरबाग मार्केट सहित अन्य कई मार्केट हैं, जिसके कारण यहां पर आने वाले लोगों की संख्या अधिक होती है। ऐसे में यहां पर आने वाले वाहनों को रखने के लिए अभी कोई ठोस जगह नहीं है। इन वाहनों को महाराज बाड़ा पर ही पार्क कराया जाएगा। योजना यह है कि यहां पर आने वाले सभी वाहनों को मल्टीलेवल कार पार्किंग में पार्क कर महाराज बाड़ा को पैदल यात्री जोन में बदल दिया जाएगा।

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मकर संक्रांति पर मेले में बड़ी संख्या में पहुँचे सैलानी 

ग्वालियर 14 जनवरी 2026/ ऐतिहासिक ग्वालियर व्यापार मेले में मकर संक्रांति पर बड़ी संख्या में सैलानी मेला देखने पहुँचे।  वहीं खान-पान की दुकानों पर लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया। साथ ही मेले में वाहनों पर शासन द्वारा छूट दिए जाने के बाद मेले में अपनी पसंद के  वाहनों को देखने के लिये भी लोग बडी संख्या में मेला पहुंचे।
झूलों के साथ लजीज व्यंजनों का उठाया लुत्फ 
मेले में इस दौरान बच्चों व बड़ों ने विभिन्न प्रकार के झूलों का आनंद लिया। इस साल औद्योगिक विकास केन्द्र,  जनसंपर्क, कृषि विपणन बोर्ड, पशुपालन, नगर निगम, पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय, उद्यान, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, स्वास्थ्य, महिला बाल विकास, मत्स्योद्योग व कृषि विभाग द्वारा प्रदर्शनियां लगाईं गईं हैं। सैलानियों ने प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ-साथ शासन की कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
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MP में बड़ी कवायद, कर्मचारियों के वेतन से हर महीने 1000 रुपए तक काटेगी सरकार

भोपाल. मध्यप्रदेश में सरकारी अमले के लिए बड़ी स्वास्थ्य योजना बनाई जा रही है। राज्य सरकार कर्मचारियों, अधिकारियों के लिए कैशलेस हेल्थ स्कीम बना रही है। प्रदेश का सामान्य प्रशासन विभाग और स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारी में लगा है। कर्मचारी संगठनों से भी सुझाव लिए जा रहे हैं। योजना में कर्मचारियों के वेतन से न्यूनतम 250 रुपए से लेकर अधिकतम 1000 रुपए तक के 4 स्लैब में राशि काटना प्रस्तावित है। शेष राशि सरकार द्वारा देय रहेगी। कैशलेस हेल्थ स्कीम में गंभीर रोगों में 10 लाख रुपए तक का इलाज किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के प्रमुख अस्पताल भी तलाशे जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री कर्मचारी एवं पेंशनर्स व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से स्कीम बनाई जा रही है। करीब 6 साल पहले कांग्रेस सरकार के दौरान भी स्कीम लागू करने की कोशिश की गई थी। इसका ड्राफ्ट भी तैयार हो चुका था पर योजना को अंजाम नहीं दिया जा सका। सामान्य प्रशासन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने योजना की कवायद चालू कर दी है। जीएडी के अपर सचिव दिनेश कुमार मौर्य और स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम ने कर्मचारी संगठनों की बैठक बुलाई। अधिकारियों ने उनसे कैशलेस हेल्थ स्कीम पर सुझाव मांगे।

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“सशस्त्र बल वेटरन्स दिवस” गरिमामय समारोह में पूर्व सैनिक एवं वीर नारियां सम्मानित 

सेवानिवृत्त मेजर जनरल श्री राजिंदर सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुआ आयोजन 
कलेक्टर  ने किया आग्रह जमीन की जाँच-पड़ताल के बाद ही खरीदें प्लॉट 
ग्वालियर, – “सशस्त्र बल वेटरन्स दिवस” (भारतीय सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस) के उपलक्ष्य में बुधवार को मुरार स्थित सैन्य स्टेशन में गरिमामय समारोह का आयोजन हुआ। राष्ट्र की सुरक्षा व संप्रभुता के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुके पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को समारोह में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं। पूर्व सैनिकों का अनुभव, अनुशासन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
मुरार सैन्य स्टेशन परिसर में स्थित बाज ऑडीटोरियम में 10वे पूर्व सैनिक दिवस के उपलक्ष्य में यह समारोह सेवानिवृत्त मेजर जनरल राजिंदर सिंह (अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल व विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित) के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की मेजबानी स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर डी.वी. सिंह द्वारा की गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, ब्रिगेडियर ए.ए.के. वर्मा सेना मेडल, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी श्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित भारतीय थल सेना के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हर हिन्दुस्तानी के दिल में सैनिकों के त्याग, बलिदान व देश सेवा के जज्बे के प्रति सम्मान रहता है। सेना की वर्दी हम सबको देश सेवा के लिये प्रेरित करती है। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों का आह्वान किया कि 70 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पूर्व सैनिक भी अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। इसके तहत उन्हें इलाज के लिये 5 लाख रुपए की अतिरिक्त सुविधा मिलती है। उन्होंने आवासीय प्लॉट खरीदते समय आवश्यक सावधानियां एवं सतर्कता बरतने पर बल दिया। साथ ही पूर्व सैनिकों से कहा कि वे जमीन की जाँच पड़ताल करने के बाद ही वैध कॉलोनी में ही प्लॉट खरीदें। कलेक्टर ने सैनिकों की समस्याओं के समाधान में जिला प्रशासन से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
समारोह के समापन अवसर पर स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर डी.वी. सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी पूर्व सैनिकों, अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं आयोजन से जुड़े कार्मिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे स्वयं एवं उनकी पूरी टीम पूर्व सैनिकों की सहायता के लिए सदैव तत्पर हैं। मुरार सैन्य स्टेशन कार्यालय सभी पूर्व सैनिकों के लिए हमेशा खुला रहेगा। समारोह का समापन आपसी संवाद के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।
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ग्वालियर में तुड़ाई तय, एलिवेटेड रोड बनाने के लिए तोड़े जाएंगे 268 मकान-दुकान

ग्वालियर. शहर में एलिवेटेड रोड निर्माण को लेकर प्रशासन अब आर-पार के मूड में आ गया है। एलिवेटेड रोड निर्माण परियोजना में बाधा बन रहे 268 अवैध मकान और दुकानों की तुड़ाई को लेकर भू अर्जन के कार्य के साथ ही नोटिस बांटने और संपत्तियों की तुड़ाई के लिए उन पर लाल निशान लगाना शुरू कर दिया है। इसके अब साफ संकेत है कि तुड़ाई की कार्रवाई जल्द ही शुरू की जाएगी। अफसरों ने बताया कि एलिवेटेड रोड निर्माण फेज-2 गिरवाई से फूलबाग तक जो संपत्तियां भू-अर्जन शाखा के दायरे में आती हैं, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए करीब 63 करोड़ रुपए की राशि बांटे जाने की तैयारी है।
सबसे ज्यादा कब्जे कहां
एलिवेटेड रोड के अलग-अलग हिस्सों में अवैध निर्माण की स्थिति सामने आई है। तारागंज पुल से जीवाजीगंज पुल तक 117 अवैध मकान-दुकान (सबसे अधिक), भैंस मंडी से फालका बाजार तक 85, पाएगा से सुभाष पार्क तक 46 और गिरवाई से हनुमान बांध तक 7 है।
कहां कितनी होगी तुड़ाई
गिरवाई से हनुमान बांध पर 07, तारागंज पुल से जीवाजीगंज पुल तक 117, पाएगा से सुभाष पार्क तक 46 और भैंस मंडी से फालका बाजार 85 मकान दुकानों को तोड़ा जाएगा।
गिरवाई से फूलबाग तक के लिए भू अर्जन की कार्रवाई अंतिम चरण में
अधिकारियों का दो टूक संदेश है या तो खुद हटें, या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। शहर के विकास की राह में रोड़े बने अवैध कब्जों पर अब सीधी चोट तय मानी जा रही है। इसलिए नोटिस अवधि पूरी होते ही तुड़ाई अभियान शुरू किया जाएगा। एलिवेटेड रोड को लेकर अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। गिरवाई से फूलबाग तक के लिए भू अर्जन की कार्रवाई अंतिम चरण में है। यहां अतिक्रमण भी चिह्नित कर लिए गए है और नोटिस भी थमाए जा चुके हैं। राजस्व विभाग द्वारा जल्द ही तुड़ाई की कार्रवाई की जाएगी।– सूर्यकांत त्रिपाठी, भू अर्जन अधिकारी
जल्द ही हटाए जाएंगे अतिक्रमण
गिरवाई से फूलबाग तक बनाए जा रहे एलिवेटेड रोड के लिए 268 के करीब संपत्तियों को चिह्नित किया गया है। इसकी लिस्ट हमनें बीते सप्ताह ही राजस्व विभाग को भी भेज दी है और उन्होंने नोटिस देने सहित अन्य कार्रवाई भी शुरू कर दी होगी। जल्द ही अतिक्रमण हटाया जाएगा।– जोगेंद्र सिंह यादव, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी

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भारतीय तत्काल छोड़ें ईरान, सभी दस्तावेज रखें तैयार, एमईए ने जारी की एडवायजरी

नई दिल्ली. ईरान में जारी राजनीतिक अस्थिरता, हिंसक प्रदर्शनों और सुरक्षा हालत में मद्देनजर भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिये एडवायजरी जारी की है। तेहरात स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक-चाहे वह छात्र हों, तीर्थयात्री हो, व्यापारी हों या पर्यटक-उपलब्ध साधनों के माध्यम से जल्द से जल्द देश छोड़कर भारत आ जाये।
दूतावास की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यह एडवायजरी भारत सरकार द्वारा 5 जनवरी 2025 को जारी की गयी सलाह का ही विस्तार है। जारी एडवायजरी में कहा गया है। ईरान में लगातार बदलते हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है। वह कमर्शियल फ्लाइटस सहित उपलब्ध किसी भी परिवहन के माध्यम से ईरान छोड़ दें।
भारतीय दूतावास ने यह भी दोहराया है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक और पीआईओ (PIOs) पूरी सतर्कता बरतें, किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें और स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें, ताकि हालात से जुड़े ताजा अपडेट मिलते रहें।
दूतावास ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे अपने यात्रा और इमिग्रेशन से जुड़े सभी दस्तावेज-जैसे पासपोर्ट और पहचान पत्र-हमेशा अपने पास और आसानी से उपलब्ध रखें। साथ ही, किसी भी तरह की सहायता की जरूरत पड़ने पर तुरंत भारतीय दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है।
आपात स्थिति के लिए भारतीय दूतावास ने नंबर भी जारी किए है।  दूतावास के अनुसार, भारतीय नागरिक इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +98932179359. ईरान में हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, हिंसा और सुरक्षा कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं, जिसके चलते विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. वहीं अमेरिका ईरान को लगातार सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहा हैहै।

 

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जीवाजी विश्वविद्यालय को क्या पीएम उषा योजना के मिली राशि वापिस लौटानी होगी

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय (जेयू) में केन्द्र सरकार की पीएम उषा योजना के तहत प्रस्तावित लगभग 100 करोड़ रूपये के विकास कार्यो पर फिलहाल रोक लगा दी गयी है। इन निर्माण कार्यो में छात्राओं कमे लिये एक अत्याधुनिक छात्रावास का निर्माण भी शामिल किया गया है। नगरनिगम ने बिना अनुमति निर्माण कार्य शुरू किये जाने की वजह से यह रोक लगाई है। इससे विश्वविद्यालय के अन्य विकास कार्यो पर भी अनिश्चितता के बादल मण्डरा रहे है। यदि यह निर्माण कार्य पूरे नहीं हुए तो विश्वविद्यालय को केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि लौटानी पड़ सकती है।
क्या है मामला
निर्माण कार्य कुछ महीने पहले शुरू किया गया था, लेकिन इसके लिए ग्वालियर नगर निगम से न तो आवश्यक भवन अनुमति ली गई और न ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किया गया। जब यह मामला नगर निगम के संज्ञान में आया, तो हाल ही में निगम की टीम मौके पर पहुंची और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया। इस पूरे मामले में जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन का पहले यह तर्क था कि विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए नगर निगम से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती है और उन्हें इस नियम से छूट प्राप्त है। हालांकि नगर निगम प्रशासन ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने बताया कि उन्हें ऐसे किसी विशेष नियम की जानकारी नहीं है, जिसके तहत विश्वविद्यालय को निर्माण अनुमति से छूट दी गई हो।
उन्होंने साफ किया कि नियम सभी विभागों और संस्थानों के लिए समान हैं। आयुक्त ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब नगर निगम स्वयं पीएम आवास योजना के तहत निर्माण कार्य करता है, तब भी उसे नियमानुसार अनुमति लेनी पड़ती है। ऐसे में विश्वविद्यालय या किसी अन्य विभाग को छूट नहीं दी जा सकती।
मुख्यमंत्री ने किया था भूमिपूजन
लगभग 30 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले इस छात्रावास का भूमिपूजन पिछले वर्ष स्वयं सीएम मोहन यादव ने किया था। निर्माण कार्य एमपी भवन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और छात्राओं को बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराना है।