535 करोड़ खर्च होने के बाद भी धीमी रफ्तार से बन रहा ग्वालियर रेलवे स्टेशन, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
रेलवे बोर्ड तक पहुंची निर्माण की सुस्त रफ्तार की शिकायत, पुनर्विकास पूरा होने में अभी दो साल का और लगेगा समय; बारिश में बैरीकेड्स के बीच से गुजरने को मजबूर हैं यात्री
ग्वालियर। रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए 535 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा पुनर्विकास कार्य धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। दिसंबर 2024 में केपीसी प्रोजेक्ट लिमिटेड को निर्माण कार्य का वर्क ऑर्डर जारी किया गया था, लेकिन इसके बाद भी स्टेशन का काम अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। निर्माण की धीमी गति का मामला अब रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्टेशन के पुनर्विकास में अभी करीब दो साल का समय और लगने की संभावना है।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 50 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन परिसर में जगह-जगह बैरीकेड्स लगाए गए हैं, जिसके बीच से होकर यात्रियों को गुजरना पड़ता है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। यात्रियों को सामान लेकर पानी में भीगते हुए बैरीकेड्स के बीच से रास्ता तय करना पड़ता है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है।
एयरपोर्ट का काम 16 माह में, रेलवे स्टेशन अब भी अधूरा
इस निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी केपीसी प्रोजेक्ट लिमिटेड ने ग्वालियर एयरपोर्ट के नए एयर टर्मिनल भवन का निर्माण करीब 16 माह में पूरा कर दिया था, लेकिन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य में कंपनी निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्रगति नहीं कर पा रही है। 535 करोड़ रुपए की लागत वाले इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पूरा होने का इंतजार शहरवासियों और प्रतिदिन सफर करने वाले हजारों यात्रियों को है।
यात्रियों को कब मिलेगी राहत
रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास शहर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। इसका उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा सुविधाजनक यात्री परिसर उपलब्ध कराना है। लेकिन निर्माण की धीमी गति के कारण फिलहाल यात्रियों को अव्यवस्थाओं के बीच सफर करना पड़ रहा है। जरूरत है कि रेलवे निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा करे, काम में तेजी लाए और यात्रियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक अस्थायी रास्तों की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
