रेंजर और रेत माफिया के बीच हुई बातचीत का ऑडियो, बोला कि खदान पर काम चालू करवा दो
मुरैना. वन विभाग के रेंजर पर रेत माफिया से मिलीभगत के आरोप लगे हैं अम्बाह इलाके के रूअर गांव में चम्बल नदी के घाट पर हो रहे अवैध रेत खनन का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह ऑडियो लला तोमर और रेंजर दीपक शर्मा के बीच हुई वाट्सएप कॉल की रिकॉर्डिंग बताई जा रही है।
बातचीत में माफिया खदान पर काम शुरू करने की अनुमति मांग रहा था। जिस पर रेंजर ने टालमटोल किया। 20 जनवरी 2025 की एक अन्य रिकॉर्डिंमें माफिया ने रेंजर को लोडर की लोकेशन दी है। लेकिन रेंजर ने कार्यवाही नहीं की है। रेंजर का दावा है कि उनकी गाड़ी रास्ते में फंस गयी थी। आपको बता दें कि वर्तमान में रूअर गांव के मोनू तोमर द्वारा लोडर से रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर -ट्रॉली से रेत का अवैध परिवहन कर रहे हैं। रेंजर दीपक शर्मा ने आरोपों से मना किया है। वहीं वन मण्डल अधिकारी सुजीत पाटिल ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार जिले के अंबाह के रूअर गांव की चंबल नदी के घाट पर लला तोमर अवैध खनन करता था। इसके बाद विभाग द्वारा रोके जाने के बाद रुअर गांव निवासी मोनू तोमर लोडर चला रहा है। लला तोमर ने बताया कि उसने 20 जनवरी 2025 को वन विभाग के अंबाह वन रेंज के रेंजर दीपक शर्मा से फिर से खनन की अनुमति मांगी, जिस पर रेंजर ने पुरानी जगह पर मिलने की बात कही। जब लला तोमर ने रेंजर को बताया कि एक बाइक सवार उन्हें लोडर की लोकेशन दे रहा है, फिर भी दीपक शर्मा ने लोडर को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। इस पर रेंजर ने वापस लौटने का कारण गाड़ी फंसना बताया और बाद में भी लोडर चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। लला तोमर ने आरोप लगाया कि मोनू ने खुलेआम रेंजर से बात होना बताया।
लल्ला तोमर और रेंजर दीपक शर्मा की बातचीत
लल्ला तोमर- लल्ला तोमर बोल रहा हूं रूअर गांव से
रेंजर- हां, बोलो
लल्ला तोमर- अरे साहब, हमारा खदान का कुछ करवा देते।
रेंजर- किसका ?
लल्ला तोमर- खदान का
रेंजर -उसमें क्या कर सकते हैं, बता उसमें क्या करना है।
लल्ला तोमर- आपकी कुछ कृपा हो जाए, तो हमारा काम शुरू हो जाए।
रेंजर- नहीं नहीं, चलो देखते हैं, वहीं पर (पुरानी जगह पर, जहां पहले बात हुई थी) बात करना, जो भी होगा देख लेंगे।
लल्ला तोमर- आपने मुझसे कहा था कि, अब जब भी बात करो, वाट्सएप कॉल पर बात करना, इसलिए आज हमने व्हाट्सएप से कॉल लगाया है।
रेंजर- अभी मैं जिले से बाहर हूं थोड़ा सा, फिर मिलते हैं।
