संजय वैशाली धूपर ने मोहम्मद रफी का महाराज बाड़े पर मनाया 100 जन्मदिन, रफी के हिट गीत गुन गुनाये
ग्वालियर. स्वर्गीय मोहम्मद रफी के 100 जन्मदिन के मौके पर देश के प्रख्यात गायक संजय एवं वैशाली धूपर ने महाराज बाड़े के टाउन हॉल की सीढियों पर सबसे मोहम्मद रफी के चित्र पर माल्यार्पण कर मनाया है। इस मौके पर वर्षा की वजह से कार्यक्रम रात 8 बजे शुरू हो पाया और रात 10 बजे जिन्दगी बेवफा के गीत के साथ संपन्न हुआ । मोहम्मद रफी के जन्मदिन संजय धूपर के साथ-साथ वैशाली धूपर, चारू आदि ने अपनी मधुर आवाज दी।
मोहम्मद रफी संगीत का सफर
स्वर्गीय मोहम्मद रफी ने अपने 40 साल के केरियर में उन्होंनें विभिन्न भाषाओं ने 7 हजार गीत गाये। मोहम्मद रफी का जन्म आज के ही दिन 100 वर्ष पूर्व हुआ था। इस ऐतिहासिक मौके पर इस मशहूर गाय के विदाई गीत और उनके शीर्ष 10 हिट कौन से है। मोहम्मद रफी ने अपने पार्श्व गायत की शुरूआत में ‘‘अजी दिल हो काबू मे ंतो दिलदार की ऐसी तैसी’’ से की है। जिसे उन्होंने जीएम दुर्रानी के साथ फिल्म गांव की गोरी के लिये प्रस्तुत किया था।
जैसे वह कहते हैं बाकी इतिहास है। अपने पूरे करियर में उन्होंने लिखे जो खत तुझे, बहारों फूल बरसाओ, सुहानी रात ढल चुकी और क्या हुआ तेरा वादा जैसे गाने गाये हैं। उनके 4 दशक के साहसिक सफर ने दुनिया को हजारों बेहतरीन गाने दिये। 31 जुलाई 1980 को मेहबूब स्टूडियों मे ंजे. ओम प्रकाश की फिलम आस-पास के लिये अपना अंतिम गीत, शाम फिर क्यों उदास है दोस्त, रिकॉर्ड करने के कुछ ही घंटों के बाद रफी की मृत्यु हो गयी। उन्हें बड़ा दिल का दौरा पड़ा था।
संजय और वैशाली धूपर ने गाये 10 हिट गीत
1- धर्मेन्द्र मुमताज अभिनीत आज मौसम बड़ा बेईमान है, 1973 की फिल्म लोफर का एक मजेदार लेकिन भावपूर्ण गीत है।
2- मोहम्मद रफी ने 1968 की फिल्म ब्रम्हचारी के लिये सुमन कल्याणपुर के साथ जीवतं, कालजयी क्लासिक आजकल तेरे मेरी प्यार के चर्चे का प्रदर्शन किया, जिसमें शम्मीकपूर, राजश्री, प्राण और मुमताज ने अभिनय किया था।
3- अभी ना जाओ छोड़कर के कई रीमेक थे लेकिन ओजी अभी भी प्लेलिस्ट पर राज कर रहा है।
4- किसी समय बहारों फूल बरसाओ, इस सीजन का विवाह गीत हुआ था और है न?
5- फिल्म यादों की बारात का गाना चुरा लिया है, तुमने जो दिल को आज भी हमारे दिलों में बसा हुआ है
6- चांद मेरा दिल, चांदनी हो तुम, एक बेहतरीन रोमांटिक गाना है जो प्यार की तुलना स्वर्गिक वैभव से करता है। मोहम्मद रफी का यह गाना 1977 की फिल्म हम किसी से कम नहीं से लिया गया है।
7- गुलाबी आंखे लम्बे समय में एक लोकप्रिय गाना रहा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि इस ट्रैक ने हमारे दिलों में एक खास जगह बनाई गयी
इशारों -इशारों में।
8- 1964 की फिल्म कश्मीर की कली का अदभुत गाना दिल लेने वाले एक क्लासिक गीत है।
9- चाहे गीत के बोल हों या भावनाये, हम किसी से कम नहीं, के गीत ‘‘क्या हुआ तेरा वादा’’ ने सभी कसौटियों पर खरा उतरा।
10- लिखे जो खत तुझे, अपने भावनात्मक बोल और काव्यात्मक सौन्दर्य के साथ, प्रेम और लालसा की गहराई को दर्शाता है।
