सात सूत्रीय जानकारी के लिये 2 घंटे इंतजार कर रहें कार्य परिषद के सदस्य, 3 तीन दिन में जानकारी नहीं मिली तो हम राज्यपाल से मिलेंगे-कार्य-परिषद सदस्य
ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्याला में जीवाजीराव की प्रतिमा अनावरण में कार्य परिषद के सदस्य प्रदीप शर्मा लगाये गये पोस्टरों को हटाने के बाद सड़क पर पटक कर पैरों तले रौंदा गया है। यह आरोप कार्य-परिषद के सदस्य विवेक भदौरिया, डॉ. रवि अम्बे, संजय यादव, सेवंती भगत, प्रदीप शर्मा आदि ने 19 दिसम्बर को 7 सूत्रीय पत्र के माध्यम से कुलगुरू से इस संबंध में 3 दिन में जानकारी चाही गयी थी। लेकिन जेयू कर्मचारी के निधन के शोक सभा के उपरांत छुट्टी कर दी गयी। यह जानकारी कार्य-परिषद के सदस्यों ने पत्रकारों चर्चा करते हुए कहीं।
3 दिन में इन बिन्दुओं पर चाही गयी जानकारी
विश्वविद्यालय में डायरेक्टर फिजीकल एज्यूकेशन एवं असिस्टेंट डायरेक्टर फिजीकल एज्यूकेशन की भर्ती की प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाये।
विश्वविद्यालय में गाडि़यों की संख्या कितनी है कौन-कौन सी गाडि़यां है। (मॉडल एवं रजिस्ट्रेशन) वर्तमान में किस-किस अधिकारी के पास विश्वविद्यालय की गाडि़यां है। इनके ईधन के बिल और वाउचर भी उपलब्ध करवाये।
विश्वविद्यालय में सरकारी पीएसओ नियुक्त है उसका वेतन किस मद से दिया जा रहा है।
मैंस टेण्डर के तनरस्तीकरण के बाद पिछले 6 महीने विश्वविद्यालय में खान‘-पान पर हुए खर्चे का विवरण मय बिल और वाउचर के साथ दें जानकारी
जेयू में उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में लगाये गये बैनरों के किसके आदेश से हटाये गये, इसकी संपूर्ण जानकारी दें।
मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के दौरान हुए व्यय की समस्त जानकारी उपलब्ध करवाये एवं किसी भी बिल का भुगतान बिना कार्य-परिषद की अनुमोदन के नहीं किया जाये।
जेयू में वर्तमान में अनुबंधित अधिवक्ताओं के नाम एवं अनुबंध का कार्यकाल एवं अनुबंधित अधिवक्ताओं को पिछले एक वर्ष से आज दिनांक तक निर्दिष्ट किये गये कानूनों प्रकरणों का विवरण मय परिणाम प्रत्येक कानूनी प्रकरण अनुसार और अधिवक्ताओं को प्रदान किये मानदेय का विवरण प्रति कानूनी प्रकरण अनुसार और अधिवक्ताओं को प्रदान किये गये मानदेय का विवरण कानूनी प्रकरण के अनुसार जानकारी उपलब्ध करवाये।
कार्य-परिषद अपना पक्ष राज्यपाल के समक्ष रखेंगे
कार्यपरिषद के 5 सदस्यों ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा है कि अगर हमें 7 सूत्रीय जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं करवाई गयी तो इसे हम अपनी उपेक्षा मानेंगे और सभी कार्य परिषद के सदस्य एक साथ राज्यपाल के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
