ऊर्जामंत्री के भाई देवेन्द्र सिंह तोमर का निधन
ग्वालियर. ऊर्जामंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर के बड़े भाई और भाजपा नेता देवेन्द्र सिंह तोमर का निधन हो गया है। रविवार की दोपहर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हैदराबाद के लिये एयर एम्बूलेंस से भेजा गया था लेकिन बीच रास्ते में ही तबियत बिगड़ने से भोपाल में इमरजेंसी लेडिंग करानी पड़ी तो उन्हें चिरायु अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। देवेन्द्रसिंह तोमर का पार्थिव ग्वालियर पहुंच गया है। उनके पार्थिव शरीर को उनके घर पर ही रखा गया है। जहां आसपास के लोगों भीड़ लगी हुई है।

ग्वालियर. एमपी के ऊर्जामंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर के बड़े भाई देवेन्द्रसिंह तोमर की तबियत खराब हो गयी। वह कुछ समय से बीमार चल रहे है और रविवार तबियत ज्यादा बिगड़ने से उनके लंग्स में इंफेक्शन बढ़ता जा रहा था।
रविवार की दोपहर पुलिस और जिला प्रशासन ने अपोलो हॉस्पिटल से राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया। दोपहर 2 बजे एयर एंबूलेंस की मदद से उन्हें हैदराबाद ले जाने के लिये रवाना हुआ। लेकिन रास्ते में हालत इतनी अधिक खराब हो गयी कि एयर एम्बूलेंस की भोपाल में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उन्हें भोपाल के चिरायु मेडीकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। चिरायु ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. अजय गोयनका ने बताया कि उनकी हालत क्रिटिकल है। देवेन्द्र को हैदराबाद के कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीकल साइंस (केआईएमएस) हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाना था। हालांकि ग्वालियर में भी हैदराबाद के डॉक्टर ही उनका इलाज कर रहे थे। ग्वालियर में भाई को एयरलिफ्ट करते समय ऊर्जा मंत्री की आंखों से आंसू झलक आये।
फूलबाग से एयरपोर्ट के बीच बने ग्रीन कॉरिडोर
फूलबाग स्थित अपोलो हॉस्पिटल से विजयाराजे सिंधिया एयरटर्मिनल तक के बीच बनाये ग्रीन कॉरिडोर बनाये गये, इसे एम्बलेंस को एयरपोर्ट पहुंचने में महज 20 मिनट लगे। ग्रीन कॉरिडोर बनाने के लिये पुलिस और यातायात पुलिस के लगभग 100 जवान लगाये गये। इसके बाद एम्बूलेंस को ग्रीन कॉरिडोर से निकाला गया। सामान्य समय में लगने वाले समय से आधे समय में एम्बूलेंस से मरीज को लेकर एयरपोर्ट पहुंच गयी।
ऊर्जा मंत्री का पूरा मैनेजमेंट संभालते हैं
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने भाई की तबीयत बिगड़ने के बाद काफी भावुक नजर आए। जब उनके भाई को हैदराबाद ले जाने के लिए एम्बुलेंस में शिफ्ट किया जा रहा था, वे अपनी आंखों को रुमाल से पोंछते नजर आए।बताया गया है कि देवेंद्र तोमर पार्षद और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। पहले वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे, बाद में भाजपा से जुड़ गए थे। ऊर्जा मंत्री के चुनाव का पूरा काम प्रबंधन उन्हीं के हवाले रहता था।
