आईएएस का निजीकरण आरक्षण खत्म करने की गारंटी, राहुंल गांधी ने यूपीएससी में लेटरल एंट्री को लेकर केन्द्र पर साधा निशाना
नई दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केन्द्र के विभिन्न मंत्रालयों में संयुक्त सचिवों, निदेशकों और उपसचिवों के प्रमुख पदों पर ‘‘लेटरल एंट्री’’ के माध्यम से जल्दी ही 45 विशेषज्ञ नियुक्त किये जाने के फैसले की आलोचना की है। राहुल ने इसकी निंदा करते हुए कहा है कि महत्वपूर्ण पदों पर लेटरल एंट्री के जरिये भर्ती कर खुलेआम एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग का आरक्षण छीना जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखी पोस्ट में राहुल गांधी ने इसे प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय दोनों को चोट पहुंचाने वाला फैसला बताते हुए कहा कि इस देश विरोध कदम का इंडिया मजबूती से विरोध करेगा। इससे पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावचती ने भी इसे सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी की मनमानी बताया और साजिश और संविधान का उल्लंघन करा दिया।
राहुल गांधी ने पोस्ट पर लिखा
राहुल गांधी ने लिखा है कि नरेन्द्र मोदी संघ लोक सेवा आयोग की जगह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जरिये लोकसेवकों की भर्ती कर संविधान पर हमला कर रहे हैं। केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर लेटरल एंट्री के जरिये भर्ती कर खुले आम एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग का आरक्षण छीना जा रहा है। मैंने हमेशा कहा है कि टॉप ब्यूरोक्रेसी सहित देश के सभी शीर्ष पदों परद वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं है। उसे सुधारने के बजाये लेटरल एंट्री द्वारा उन्हें शीर्ष पदों से और दूर किया जा रहा है। यह यूपीएससी की तैयार कर रहे प्रतिभाशाली युवाओं के हक पर डाका और वंचितों के आरक्षण सहित सामाजिक न्याय की परिकल्पना पर चोट है।
