दीपावली पर सफर हुआ महंगा, ट्रेन से टैक्सी तक किराया 4 गुना तक बढ़ा
ग्वालियर. दीपावली पर घर पहुंचने की उत्सुकता इस बार यात्रियों के लिए परेशानी और अतिरिक्त खर्च का कारण बन गई है। दूसरे शहरों में नौकरी और व्यवसाय करने वाले लोग त्योहार मनाने के लिए अपने घर लौटना चाहते है लेकिन परिवहन के किसी भी साधन में उन्हें आसानी से जगह नहीं मिल रही।
ट्रेनों में उपलब्ध नहीं है आरक्षित सीटें
ट्रेनों में आरक्षित सीटें उपलब्ध नहीं है तो बसों मंे क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है। वीं टैक्सी से सफर करने का खर्च सामान्य दिनों की तुलना में चार गुना तक बढ गया है। ऐसे में त्योहा पर घर पहुंचने की योजना बनाने वालों को समय के साथ बजट का भी हिसाब लगाना पड रहा है।
स्टेशन पर यात्रियों का भारी दबाव
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव इतना अधिक है कि प्लेटफार्म से लेकर बाहर के परिसर तक भीड नजर आ रही है। दिल्ली और झांसी की ओर जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा दबाव है। श्रीधाम, सचखंड, उत्कल, केरला और भोपाल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में जनरल टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्री आरक्षित कोचों में भी चढ रहे है। इससे कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को भी अपने कोच तक पहुंचने और सीट पर बैठने मशक्कत करनी पड रही है। भीड को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के जवान तैनात है लेकिन यात्रियों की संख्या के मुकाबले व्यवस्थाएं कम पड रही है।
11 की जगह 43 रुपये प्रति किलोमीटर तक पहुंचा किराया
ट्रेन में सीट नहीं मिलने पर टैक्सी से सफर करने का विकल्प भी महंगा पड रहा है। सामान्य दिनों में 10 से 11 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से मिलने वाली कैब का किराया बढकर करीब 43 रुपये तक पहुंच गया है। यानी यात्रियों को लगभग चार गुना अधिक भुगतान करना पड रहा है। कंपू निवासी डाक्टर एनएच शर्मा बताते है कि दिल्ली से ग्वालियर आने के लिए उन्हें करीब 16 हजार रुपये टैक्सी का किराया देना पडा जबकि सामान्य दिनों में इसी यात्रा के लिए लगभग पांच हजार रुपए खर्च होते थे।
ग्वालियर स्टेशन पर सुरक्षा का पहरा
ट्रेनों में बढती भीड के बीच रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढा दी गई है। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस के जवान तैनात किए गए है। त्योहार के दौरान ट्रेनों और स्टेशन परिसर में पटाखे, पेट्रोल, केरोसिन, गैस सिलिंडर और अन्य ज्वलनशील पदार्थ ले जाने वालों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों से प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर की निगरानी भी की जा रही है। रेलवे ने अतिरिक्त भीड को देखते हुए 57 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है।
