रोशनी से नहाया शहर: किले पर बिखरी अद्भुत छटा, देसी दीपकों की चमक से दूर हुआ विदेशी झालरों का साया
ग्वालियर.दीपावली का महापर्व पूरे शहर में बेहद हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। त्योहार के इस पावन मौके पर पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से सराबोर नजर आया। ऐतिहासिक किले के चारों ओर की गई शानदार और भव्य लाइटिंग हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी रही, जिसे देखने के लिए लोग मंत्रमुग्ध नजर आए।
घर-घर सजे आस्था के दीप, विदेशी झालरों से मिली मुक्ति
इस बार की दीपावली की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि शहरवासियों ने चीनी या विदेशी झालरों को दरकिनार कर मिट्टी के पारंपरिक दीपकों को प्राथमिकता दी। विदेशी झालरों से मुक्ति पाकर शहर का कोना-कोना देसी दीपकों की पावन रोशनी से जगमगा उठा। लोगों ने अपने घरों को बेहद खूबसूरती से सजाया और घर-घर के आंगन में मिट्टी के दीप प्रज्वलित कर सकारात्मकता का संदेश दिया। नजर जहाँ भी जा रही थी, वहाँ केवल आस्था, उल्लास और रंग-बिरंगी रोशनी की मनमोहक छटा ही दिखाई दे रही थी।
शुभ मुहूर्त में हुआ लक्ष्मी पूजन, आतिशबाजी से महका आसमान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शहरवासियों ने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ धन की देवी माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन किया। पूजा संपन्न होने के बाद एक बार फिर लोग उत्साह के साथ दीपक जलाने में जुट गए। रात होते-होते आसमान में चारों ओर पटाखों और रंग-बिरंगी आतिशबाजी का ऐसा नजारा दिखा, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। दीपों का यह पर्व शहरवासियों के जीवन में नई उमंग और खुशहाली लेकर आया है।
