परिधि और एफपीए पर लगा प्रतिबध, सीएचएमओ बोले आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी
ग्वालियर. चीफ मेडीकल एंड हेल्थ ऑफीसर (सीएचएमओ) ने अनियमितता पाये जाने प्रायवेट अस्पताल परिधि अस्पताल और एफपीए पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सीएचएमओ डॉ. आरके राजौरिया ने 31 नर्सिंग होम हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन निरव्स्त कर दिये गये है। सीएचएमओ ने बताया है कि कई अस्पताल पंजीयन का नवीनीकरण नहीं करा रहे थे। कई अस्पताल में मिली अनियमिततायें थी। इसके अलावा कुछ प्रायवेट अस्पतला बंद करने का आवेदन लगा चुके थे। आपको बता दें कि सीएचएमओ ने 24 नर्सिंग होम व अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया है। वहीं, 2 नर्सिग होम और अस्पताल के निरीक्षण में कमियां पाये जाने पर उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त किया है। 5 नर्सिंंग होम व अस्पताल के संचालक बन्द कराने के लिये आवेदन किये थे।
परिधि के तलघर में पार्किंग की जगह मिली लैब
सीएचएमओ द्वारा 31 अस्पताल और नर्सिंग होम के पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही में यह बात सामने आई है कि इन संस्थाओं ने अपने पंजीयन रिन्यू नहीं कराये थे। लेकिन इसके पीछे की कहानी यह है कि यह संस्थायें लगातार अवैध और नियम विरूद्ध तरीके से काम कर रही है। जैसा कि जिन 24 संस्थाओं के नवीनीकरण न कराने पर पंजीयन निरस्त कराये गये। उनमें से परिधि अस्पताल जो कि सिटी सेंटर पर मौजूद है। जो नियम विरू द्ध तरीके से तलघर में लैब का संचालन कर रहा था और इसके स्टाफ में भी गड़बड़ी की काफी शिकायतें सामने आयी थी। उसी तरह से फैमिली प्लानिंग एसोसियेशन के नाम पर आरएचएफपीसी की यह संस्था भी प्रसूताओं और बच्चों की जान से खिलवाड़ करती हुई पायी गयी। जो स्वास्थ्य विभाग ने स्वयं ही जांच के दौरान पाया था।
परिधि पर कोई प्रतिबंध नहीं
हमारे अस्पताल पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगा है। यह सब अफवाह है, बल्कि परिधि अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी सेंटर के नाम परिवर्तन कर क्लीयर मेडी परिधि, मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रा. लि नाम से जाना जायेगा, हमारे परिधि अस्पताल पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
मिथलेश यादव, संचालक, परिधि मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, ग्वालियर
कार्यवाही जारी रहेगी
शहर में संचालित 31 अस्पतालों और नर्सिंग होम के पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की गयी है। इनमें संस्थाओं के द्वारा पंजीयन नवीनीकरण ने कराने, निरीक्षण के दौरान अनियमिततायें पाये पर उनके पंजीयन निरस्त किये गये है। 5 अस्पतालों ने स्वतः ही अपना पंजीयन निरस्त करवाने के लिये आवेदन किया हुआ था। कई संस्थानों पर जांच भी चल रही है। इस प्रकार की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
डॉ. आरके राजौरिया, सीएचएमओ, ग्वालियर
