घर में आग लगने पर छत से कूंद कर बचाई जान, इलेक्ट्रॉनिक ताले की बायरिंग जली तो दरवाजा भी नहीं खुल सका
ग्वालियर. चार्जिंग के बीच ई-बाइक की बैटरी में हुए ब्लास्ट से समाधिया कॉलोनी के बी-28 निवासी के यहां बैटरी व्यापारी कमल पंजवानी के 3 मंजिला में शनिवार की सुबह 3.35 बजे आग लग गयी। परिवार के 6 लोग लगभग 45 मिनट तक आग के बीच फंसे रहे। कमल के छोटे भाई दिलीप और 87 वर्षीय पिता रामचन्द्र ने पहली मंजिल से कार पर कूंदकर अपनी जान बचाई।
जबकि कमल, पत्नी रीमा, बेटी प्रियांशी व मां चंद्रा ने छत के रास्ते पड़ोसी के घर से उतरकर जान बचाई। आग से पोर्च में रखे 5 दो पहिया वाहन और एक साईकिल जलकर खाक हो गयी। गनीमत रही कि मकान में नीचे बैट्री की दुकान में आग नहीं पहुंची, नही ंतो हादसा अधिक बड़ा हो सकता था। शहर में 9 मई को भी एक घर में चार्जिग पर लगी ई-बाइक की आग से आग लगी थी।
घर में मची चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी सिद्धांत जैन और आसपास के लोगों ने कार के कांच तोड़े और उसे धकेल कर मकान के नजदीक लगाया। उसके ऊपर दिलीप ने छलांग लगाई तो कार की छत पर पानी होने की वजह से वह फिसल गये और सिर, हाथ-पैर में चोट आ गयी। फिर पिता रामचन्द्र भी पहली मंजिल से कूंद गये। नीचे खड़े लोगों ने उन्हें हाथों में लेकर संभाला और सुरक्षित किया। मकान के मेन गेट में सुरक्षा की दृष्टि से रिमोट वाला ऑटोमेटिक ताला लगा हुआ था। बायरिंग जलने से ताला नहीं खुल रहा था और फायर ब्रिगेड अन्दर भी नहीं पहुंच पा रही थी। दमकलकर्मियों न लोहे के गेट को तोड़ा तब अंदर पहुंचकर आग बुझाना शुरू किया।
