ग्वालियर में दर्द से कराहते मरीज बिना इलाज लौटे
ग्वालियर. एक दिन की छुट्टी के बाद शुक्रवार को अस्पताल खुले। दर्द से कराहते बीमारों को जेएएच की ओपीडी मंे इलाज मिलने की आस थी, लेकिन जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। जूनियर डॉक्टर का कहना था कि कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और जघन्य तरीके से की गई हत्या के मामले में वह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वह रूटीन सेवाएं, तब तक नहीं देंगे, जब तक की महिला डॉक्टर के आरोपियों को पकड़ा नहीं जाता। केवल इमरजेंसी सेवाओं में सहयोग करेंगे। जूडा के हड़ताल पर जाने के समर्थन में सीनियर रेजीडेंट भी आ गए। दोपहर 12 से 1 बजे तक ऐसे डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठै।
हालांकि कई डॉक्टर पहले से ही अपनी सीट से गायब हो गए थे। इससे मेडिसिन की ओपीडी में इलाज कराने आए मरीज व उनके अटेंडेंट भड़क गए। यहां करीब 150 मरीज व अटेंडेंट फर्श पर बैठकर इलाज पाने का इंतजार कर रहे थे। अटेंडेंट का कहना था कि जब इलाज नहीं करना था तो उनके पर्चे क्यों बनाए गए। हालांकि दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच डॉक्टर ओपीडी में बैठे लेकिन तब तक आधे से ज्यादा मरीज बिना इलाज के ही लौट चुके थे। जूनियर डॉक्टर की मांग थी कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती।
