FORT स्थित सिंधिया स्कूल में यौन शोषण

ग्वालियर. किले स्थित सिंधिया स्कूल में आई एक खबर ने देशभर के उन परिवारों के बच्चों की चिंता में डाल दिया है। जिनके बच्चे इस देश के प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ते हैं। सिंधिया बॉयज स्कूल में कक्षा 9वीं के छात्र ने कक्षा 7वीं में पढ़ने वाले एक छात्र को अपनी हवस का शिकार बनाया है। आरोपी छात्र के खिलाफ स्कूल के प्राचार्य की शिकायत पर बहोड़ापुरा थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी छात्र की इस हरकत की खबर उसके अभिभावकों को दे दी गयी है। फिलहाल जब तक दोनों ही बच्चों के अभिभावक नहीं आ जाते तब तक स्कूल प्रबंधन ने दोनों ही बच्चों को अलग-अलग कमरे में अपनी कड़ी निगरानी में रखा है। स्कूल परिसर में घटी इस घटना ने स्कूल के सिस्टम -प्रबंधन पर संवालिया प्रशन चिन्ह खड़ा कर दिया है। क्योंकि पूरे देश के धनाढ्य और रसूखदार परिवारों के बच्चों को इस स्कूल में पढ़ने का अवसर मिलता है।
छात्र की हरकत पर सब मौन
सिंधिंया स्कूल में इतनी बड़ी घटना घट जाने के बाद सभी मौन है। स्कूल प्राचार्य से लेकर स्कूल में हॉस्टल की देखरेख करने वाले वॉर्डन और स्कूल में तमाम गतिविधियों के संचालन के लिये गठित समितियों में शामिल लोगों के मोबाइल बंद मिल रहे है। वहीं पुलिस भी इस मामले में पूरी तरह से खामोशी का रवैया अपनाये हुए है। थाना प्रभारी से लेकर आला अधिकारी तक इस पूरे मामले पर या तो बात ही नहीं कर रहे हैं या अनभिज्ञता जता रहे हैं। वहीं स्कूल प्रबंधन ने बताया है कि घटना के बाद दोनों ही बच्चों के अभिभावकों को टेलीफोन करके कहा गया है कि वह जल्द से जल्द स्कूल पहुंच जाये ।तब तक दोनों ही बच्चों को अस्पताल के ही अलग-अलग कमरों में रखा गया है।
यह हुआ अस्पताल में
एफआईआर में कहा गया है कि जब डॉक्टर ने दोनों ही बच्चों को स्वास्थ्य केन्द्र में आराम करने के लिये कहा तो कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले छात्र ने कक्षा 7वीं कक्षा के छात्र को विवश किया िकवह जैसा करना चाहता है, वैसा ही करते रहने दे। इसके बाद बेड पर उसके शॉटर््स खोलने की कोशिश की। किसी बहाने से बॉथरूम में बुलाया और 7वीं में पढ़ने वाले दात्र का आरोप है कि यहीं पर उसके सीनियर ने उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाये और इतना ही जब उसने चिल्लाने की कोशिश की तो उसने उसका मुंह भी दबा दिया। उसने इसकी खबर सबसे पहले अस्पताल की नर्स को दी। उसने डॉक्टर को बताया औरा यह बात तत्काल ही स्कूल चलाने वालों तक पहुंच गयी।
एफआईआर दर्ज
इस पूरे मामले की शिकायत स्कूल के प्राचार्य अजय सिंह पुत्र कालिका सिंह ने बहोड़ापुर थाने में दर्ज करवाई है। चूंकि मामला काफी हाई प्रोफाइल होने की वजह से बहोड़ापुर थाने तत्काल ही घटना के बार आला अधिकारियों के संज्ञान में लाये और केस दर्ज करने में कोई देरी नहीं की और इसके साथ ही पुलिस ने जो काम किया वह इस मामले को लेकर पूरी तरह से मौन साधन का रहा है। यह घटना 13 जुलाई की है। घटना स्कूल परिसर स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में घटी। दोनों ही बच्चे अपनी-अपनी समस्या लेकर स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात डॉक्टर लेविन गोविडर से मिलने गये थे।
रैगिंग से आया था स्कूल सुर्खियों में
यह कोई पहला मौका नहीं है जब हाईप्रोफाइल सिंधिया स्कूल की छवि पर धब्बा लगा हो। लगभग 7 वर्ष पूर्व यह स्कूल उस वक्त सुर्खियों में आया था जब इस स्कूल में रैंगिंग का कांड उछला था। हालांकि तब भी स्कूल प्रबंधन ने कांड को पूरा दबाने की कोशिश की थी पर वह मामले को जितना भी दबाते, मामला उतना खुलकर सामने आता गया। सिंधिया स्कूल में होने वाली गतिविधियों की परत दर परत उधड़ती चली गयी थी।
