प्रोजेक्ट में देरी के लिये जिम्मेदार ठेकेदारों व अधिकारियों की जवाबदेही तय हो –भारत सिंह कुशवाह

ग्वालियर – शहर के सुनियोजित विकास के लिये मंजूर हुए सभी बड़े प्रोजेक्ट समय-सीमा में पूरे किए जाएँ। निर्माण एजेंसी (ठेकेदार) की ढ़िलाई की वजह से कार्यों में देरी होने पर संबंधित ठेकेदार पर पेनल्टी लगाई जाए। साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो। यह बात सांसद भारत सिंह कुशवाह ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की विशेष मौजूदगी में आयोजित हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में कही। विभागीय अधिकारियों से कहा गया कि कार्ययोजना में स्पष्ट उल्लेख हो कि किस माह में कितना कार्य किया जायेगा। वे हर शनिवार को विभागीय अधिकारियों के साथ शहर के बड़े प्रोजेक्ट का निरीक्षण करेंगे, जिससे भारत सरकार की मंशा के अनुरूप सभी प्रोजेक्ट समय-सीमा में व गुणवत्ता के साथ पूरे कराए जा सकें।
बैठक में खासतौर पर  विकास कार्यों की समीक्षा हुई उनमें एलीवेटेड रोड़, रेलवे स्टेशन का उन्नयनीकरण, चंबल पेयजल परियोजना, अमृत-2, प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास, आगरा-ग्वालियर सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे व ठाठीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं।
एलीवेटेड रोड़ के कार्य में तेजी लाने पर विशेष जोर
एलीवेटेड रोड़ के कार्य में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही कहा कि एलीवेटेड रोड़ के द्वितीय चरण के काम को निर्वाध रूप से जारी रखने के लिये समय से भू-अर्जन की कार्रवाई पूरी कराएँ। इसमें कोई ढ़िलाई न हो। एलीवेटेड रोड़ के प्रथम चरण के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। ज्ञात हो स्वर्ण रेखा नदी पर फोरलेन एलीवेटेड फ्लाईओवर रोड़ का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 447 करोड़ रूपए की लागत से एलीवेटेड रोड़ का प्रथम भाग ट्रिपल आईटीएम के समीप से लक्ष्मीबाई समाधि और लगभग 926 करोड़ 21 लाख रूपए की लागत से द्वितीय भाग लक्ष्मीबाई समाधि से गिरवाई पुलिस चौकी तक किया जा रहा है। द्वितीय चरण के कार्य के भी टेण्डर हो चुके हैं। अक्टूबर माह में द्वितीय चरण का कार्य भी शुरू हो जायेगा।
पेयजल आपूर्ति योजना चंबल प्रोजेक्ट
ग्वालियर शहर की दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति योजना चंबल प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान बैठक में बताया गया कि इस प्रोजेक्ट का काम दो साल के भीतर पूरा होगा। लगभग 917 करोड़ रूपए की लागत की इस परियोजना से वर्ष 2055 तक ग्वालियर शहर की पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। सांसद श्री कुशवाह ने शहर के नए वार्डों (61 से 66) में भी पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने पर बल दिया। बैठक में अमृत-2 सहित शहर की अन्य पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा की गई। लश्कर क्षेत्र की बस्तियों की पेयजल व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
एक्सप्रेस हाईवे के टेण्डर हो चुके
आगरा-ग्वालियर सिक्स लेन एक्सप्रेस हाईवे के टेण्डर हो चुके हैं। लगभग 88 किलोमीटर लम्बाई में इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण होगा। बैठक में वेस्टर्न बायपास व ठाठीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना सहित ग्वालियर शहर के विकास से संबंधित अन्य बड़े प्रोजेक्ट की समीक्षा भी की गई। साथ ही ककैटो-पहसारी से तिघरा जलाशय और हनुमान व वीरपुर बाँध भरने की परियोजनाओं की भी बैठक में समीक्षा हुई।
रेलवे स्टेशन के उन्नयनीकरण कार्य में तेजी लाने पर जोर
रेलवे स्टेशन के उन्नयनीकरण कार्य में तेजी लाने पर विशेष बल दिया। लगभग 534 करोड़ रूपए की लागत से रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास व सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। यह कार्य पूरा करने के लिये मार्च 2025 तक की समय-सीमा निर्धारित है। सांसद श्री कुशवाह ने 8 महीने में शेष कार्य पूरा करने के लिये हर माह के हिसाब से कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिये रेलवे के अधिकारियों से कहा ।
पेयजल परियोजना के कार्यों की जांच दूसरी एजेंसी से कराई जाए
साडा क्षेत्र के 28 गाँवों एवं घाटीगाँव व भितरवार क्षेत्र के पेयजल समस्यामूलक गाँवों की पेयजल आपूर्ति के लिये मंजूर हुईं परियोजनाओं की समीक्षा की समीक्षा भी बैठक में की गई। सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने साडा क्षेत्र की पेयजल परियोजना के तहत अब तक हुए कार्यों की किसी दूसरी एजेंसी से जांच कराने के लिये जिला कलेक्टर से कहा। ज्ञात हो जल निगम द्वारा साडा क्षेत्र की पेयजल परियोजना के कार्य कराए जा रहे हैं।

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