ग्वालियर में जीएसटी की जांच में बुरे फंसे कोचिंग संस्थान, अब पुराना लेन-देन निकलेगा
ग्वालियर. लक्ष्मीबाई कॉलोनी में दो कोचिंग संस्थान गर्ग और बायोलॉजी क्लासेस पर स्टेट जीएसटी छापेमारी के बाद कार्रवाई जाी है। कोचिंग संस्थान टैक्स बचाने के चक्कर में बुरे फंसे है। जीएसटी रजिस्ट्रेशन ल कराना महंगा पडा है। एक कोचिंग संस्था बायोलॉजी से पांच लाख रुपये जमा कराए गए है लेकिन यह राशि 20 लाख तक पहुंच सकती है। वहीं गर्ग क्लासेस के संचालक अभी तक सामने नहीं आए है।
जीएसटी अधिकारियों को यह बताया गया है कि वह बाहर है। न दस्तावेज चेक हो सके न किसी तरह की राशि सरेंडर हो सकी है। दोनों ही कोचिंग क्लासेस लंबे समय से अपनी कमाई पर 18 प्रतिशत जीएसटी की चोरी कर रहे थे। अब दोनों संस्थानों के स्थापित होने के बाद अब 20 लाख सालाना का टर्नओवर पहुंच गया तबसे बैंकखातों की पडताल की जा रही है जिससे पुरानी पूरी वसूली की जा सके। बता दें कि स्टेट जीएसटी की टीम को इंदौर मुख्यालय से इनपुट मिला था कि ग्वालियर जिले में दो कोचिंग संस्थान गर्ग क्लासेस और बायोलॉजी क्लासेस टैक्स चोरी कर रही है।
गर्ग क्लासेस के संचालक नीरज गर्ग हैं और बायोलाजी के संचालक डा. मुनीष गुप्ता हैं। दोनों कोचिंग संस्थानों पर स्टेट जीएसटी की टीम ने छापा मारा और संस्थानों को सील कर दिया था। गर्ग क्लासेस से अभी तक कोई पड़ताल नहीं हो सकी है, इसलिए यह सील रखा गया है। बायोलाजी कोचिंग से पांच लाख की राशि जमा कराई जा चुकी है और अब 19 जून को कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा आशंका यह भी है कि शहर में और भी कोचिंग क्लासेस इस तरह टैक्स चेारी कर सकती हैं, इसको लेकर विभाग आंतरिक तौर पर इनपुट जुटा रहा है।
