शहर में प्रस्तावित दो फ्लाइओवर का निर्माण खटाई में
ग्वालियर. केंद्र सरकार की सेतु बंधन योजना के तहत शहर में प्रस्तावित दो फ्लाओवर का निर्माण खटाई में पड गया है। प्रदेश के इंदौर सहित अन्य जिलों में जहां फ्लाइओवरों का निर्माण शुरू हो गया है तो वहीं ग्वालियर में अभी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तक तैयार नहीं हो पाई है। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर पर काम कर रही एलएंडटी कंपनी की टीम ने पिछले दिनों ग्वालियर में फिजिबिलिटी यानी निर्माण की संभावना को देखते हुए सर्वे किया था लेकिन उसके बाद से निर्माण कार्य शुरू करने के लिए डीपीआर तैयार करने का काम ठंडे बस्ते में चला गया है। हालांकि जिन दो स्थानों का चयन इस योजना के तहत फ्लाओवर बनाने के लिए किया गया है वे काफी संकरे और आबादी वाले होने के कारण निर्माण पर भी संशय की स्थिति बनी हुई है।
प्रदेश के 10 शहरों में कुल 21 फ्लाओवर का निर्माण 850 करोड रुपए की लागत से प्रस्तावित किया गया था। इस परियोजना में ग्वालियर में दो फ्लाओवर तैयार होने थे। लेकिन ग्वालियर में कार्रवाई कागजों से आगे नहीं बढ पा रही है। पहले फ्लाओवर के निर्माण के लिए प्राथमिकता से ग्वालियर को बाहर किया गया और अब सर्वे कार्य होने के बाद भी कोई ठोस योजना तैयार नहीं हो सकी है। ग्वलियर में आमखो से पुराने आमखो बस स्टैंड से गोरखी महाराज बाडा तक एक हजार मीटर और हजीरा चौराहा से चार शहर का नाका तक 1025 मीटर लंबे दो फ्लाओवर प्रस्तावित किए गए है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार अभी डीपीआर तैयार नहीं हुई है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होने के बाद निर्माण की संभावनाए देखी जाएंगी।
डीपीआर अभी तैयार नहीं हुई है
शहर में प्रस्तावित दो फ्लाओवर के निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर काम चल रहा है। अभी डीपीआर तैयार नहीं हुई है। शासन की प्राथमिकता में अन्य शहर होने के कारण वहां निर्माण शुरू हुआ है। जल्द ही संभावना है कि ग्वालियर में भी फ्लाओवर का निर्माण शुरू कराया जाए।
राजीव श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री एमपीआरडीसी
