कभी भी हो सकता है बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, मंत्रालय से लेकर मैदानी स्तर तक बदले जाएंगे अधिकारी
भोपाल. लोकसभा चुनाव निपटने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रशासनिक स्तर पर परिवर्तन कीश् शुरूआत अपने कार्यालय से कर दी। अब जल्द ही मंत्रालय और मैदानी स्तर पर नए सिरे से प्रशासनिक जमावट होगी। इसमें 6 माह के प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री प्रारंभिक चर्चा भी कर चुके है। कलेक्टरों और कमिश्नरों के साथ ही मंत्रालय में प्रमुख सचिप व अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों के दायित्व में परिवर्तन किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारियों के भी तबादले होंगे। प्रदेश में अपनी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रालय से लेकर जिलों में प्रशासनिक आधार पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और कमिश्नर बदले थे। अधिकारियों को काम करने के लिए फ्री हैंड भी दिया। 3 माह आचार संहिता में निकल गए और काम थम गए थे। कुछ अधिकारियों की चुनाव के दौरान शिकायत भी सामने आई है।
मंत्रियों को करनी होगी प्रतीक्षा
मंत्रियों को अपने विभागीय तबादले करने के लिए अभी प्रतीक्षा करनी होगी। सरकार तबादला नीति घोषित कर तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। वैसे भी, प्रशासनिक आवश्यकता या शिकायत के आधार पर तबादले मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से अभी भी हो रहे हैं। हालांकि, इनकी संख्या बहुत कम है। सूत्रों का कहना है कि विधानसभा सत्र के बाद तबादला नीति घोषित की जा सकती है। राज्य निर्वाचन आयुक्त का पद 30 जून से हो जाएगा रिक्त राज्य निर्वाचन आयुक्त का पद 30 जून से रिक्त हो जाएगा। वर्तमान आयुक्त बसंत प्रताप सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है। हालांकि, यह प्रावधान कर दिया गया है कि यदि नियुक्ति नहीं होती है तो वर्तमान अध्यक्ष का कार्यकाल छह माह या नई नियुक्ति होने तक बढ़ाया जा सकता है। वहीं, सितंबर में कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष का पद संजय बंदोपाध्याय के सेवानिवृत्त होने पर खाली हो जाएगा। राजस्व मंडल के अध्यक्ष का पद अश्विनी कुमार राय के सेवानिवृत्त होने के बाद से रिक्त है।
