शहर में गर्मी बढ़ी तो आने लगीं पीले व दुर्गंधयुक्त पानी की शिकायतें
ग्वालियर. तिघरा के घटते जलस्तर और तेज गर्मी की शुरुआत होते ही शहर के कई इलाकों में पीले पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है। यह समस्या हर साल उत्पन्न होती है और निगम के तकनीकी अधिकारियों के पास इस समस्या का कोई हल नहीं है। शहर के पाश वार्ड क्रमांक 58 की विभिन्न कालोनियों से लेकर गली-मोहल्लों तक में मटमैले और दुर्गंधयुक्त पानी की शिकायतें पीएचई को प्राप्त हो रही हैं। कई जगहों पर लोगों ने पानी पीने के बाद उसमें कड़वाहट आने की शिकायतें भी कीं। इसके पीछे निगम के अधिकारियों का तर्क है कि कई बार क्लोरीन की मात्रा ज्यादा होने पर स्वाद में कड़वाहट आ जाती है। जल्द लोगों को साफ पानी मिलने लगेगा। नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह ने गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति पर नजर रखने और समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आपूर्ति के समय इंजीनियरों को फील्ड में रहने के लिए भी कहा गया है।
अब तेज गर्मी की शुरुआत होने के साथ ही तिघरा का जलस्तर घटने के कारण मटमैले पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है। हालांकि निगम का दावा है कि वाटर फिल्ट्रेशन प्लांटों पर पानी को फिल्टर करने के बाद ही सप्लाई किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद घरों में पीला और मटमैला पानी पहुंच रहा है। शनिवार को शिंदे की छावनी, सिकंदर कंपू, माधव नगर, गेंडे वाली सड़क, रामदास घाटी, शिवाजी नगर और ब्रज विहार कालोनी जैसे इलाकों में लोगों ने गंदे और दुर्गंधयुक्त पानी की आपूर्ति की शिकायतें कीं। इस दौरान यह भी शिकायत थी कि पानी का स्वाद कसैला और कड़वा है। हालांकि पीएचई के अधिकारी यह आश्वासन देते नजर आए कि जल्द ही समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा और लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पेहसारी से कैनाल के माध्यम से तिघरा तक मटमैला पानी पहुंच रहा है। वहीं तिघरा का जलस्तर भी घटा है। ऐसे में पानी को फिल्टर करने के लिए क्लोरीन की मात्रा बढ़ने के कारण स्वाद में समस्या हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में सीवर लाइन का मिलान पानी की लाइन से होने के कारण यह दिक्कत हुई होगी, जिसे सुधार लिया जाएगा।
