गौशाला में गौशाला के महाराज ऋषभ देवानंद के साथ कलेक्टर ने की गोवर्धन पूजा, बच्चों ने गायों गुड और फूलगोभी खिलाये

ग्वालियर. लाल टिपारा स्थित नगरनिगम की गौशाला में सुबह 11 बजे पहुंच कर कलेक्टर अक्षयकुमार सिंह, आईआईटीएम के डायरेक्टर आलोक शर्मा, सीआईआई के आशीष वैश्य ने गौशाला के महाराज जी मिलकर गोवर्धन देव की पूजा करने के साथ-साथ लोग अपने-अपने परिवारों के साथ पहुंच रहे परिवार के सदस्यों ने मिलकर पूजा अर्चना की। इस मौके पर अन्नकूट की प्रसादि का वितरण किया जा रहा है। यह जानकारी गौशाल के महाराज ऋषभ देवानंद ने दी।

गोवर्धन पूजा का महत्व
ऐसी धार्मिक मान्यता के अनुसार द्वापर युग में इंद्र ने कुपित होकर जब मूसलाधार बारिश की तो भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुलवासियों व गायों की रक्षार्थ और इंद्र का अहंकार तोड़ने के लिये गोवर्धन अंगुली पर उठा लिया था। उनके सुदर्शन चक्र के प्रभाव से ब्रजवासियों पर जल की एक बूंद भी नहीं पड़ी। सभी गोप-गोपिकायें उसकी छाया में सुरक्षित रहें। तब ब्रह्मा जी ने इंद्र को बताया कि पृथ्वी पर श्रीकृष्ण ने जन्म ले लिया है। उनसे बैर लेना उचित नहीं है। तब श्रीकृष्ण अवतार की जानकर इंद्रदेव अपने इस कार्य पर बहुत लज्जित हुए और भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा-याचना की। तभी से भगवान गोवर्धन की पूजा अर्चना करने लगे।
गाय का गोभी फूल और गुड खिला रहे थे
गोवर्धन पूजा में शामिल होने आये शहरवासियों के बच्चे, महिलायें और पुरूष आदि गौशाला की गायों को गुड़ और गोभी फूल खिला रहे थे इस मौके पर शामिल लोग परिसर में शहर की पल रही गांयों की देखभाल की तारीफ कर रहे थे।
गेवर्धन गोवर्धन पूजा की विधि
गेवर्धन पूजा करने के लिये आप सबसे पहले घर के आंगन में गाय के गोवर से गोवर्धन की आकृति बनाये और इसके बाद रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर, फूल और दीपक जलाकर गोवर्धन भगवान की पूजा करें और इसके बाद अपने परिवार समेत श्रीकृष्ण स्वरूप गोवर्धन की 7 प्रशिक्षणा करें। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से सच्चे दिन से गोवर्धन भगवान की पूजा करने से एवं गायों को गुड़ चावल खिलाने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है। इस दिन गाय की पूजा करने से सभी पाप उतर जाते हैं और मोक्ष प्राप्त होता है।
