पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन करें
जबलपुर. राष्ट्रीय हरित अधिकरण, एनजीटी ने पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। एनजीटी के न्यायिक सदस्य शिव कुमार सिंह व एक्सपर्ट मेम्बर डॉ. ए सेंथिल वेल की युगलपीठ ने यह जिम्मेदारी राज्य शासन को सौंपी है। इसके तहत पर्यावरण और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है।
मप्र शासन ने पटाखों की जांच करने के निर्देश दिए
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे की ओर से दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर 2021 को बेरियम सॉल्ट से बने पटाखों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का आदेश पारित किया था, जिसके पालन में मप्र शासन ने राज्य के सभी कलेक्टरों को पटाखा विक्रेताओं से अंडरटेकिंग लेने व पटाखों की जांच करने के निर्देश दिए। लेकिन विगत 2 वर्ष से इन आदेशों का पालन नहीं होने से अवमानना याचिका दायर की गई थी।
एडिशनल डीसीपी हाजिर हुए
सुनवाई के दौरान एडिशनल डीसीपी भोपाल महावर सिंह मुंजालदे हाजिर हुए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए है। एनजीटी ने भी दो वर्ष पूर्व अपने आदेश में साफ किया था कि माडरेट श्रेणी की वायु गुणवत्ता वाले शहरों में महज 2 घंटे ग्रीन पटाखे फोडे जा सकते है। जिला दंडाधिकारियों को यह सुनिश्चित करना था लेकिन वे 2 वर्ष से अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर पाए।
