ग्वालियर चंबल में चुनाव में खतरा, दो नंबर के हथियार उगल रहे गोलियां

ग्वालियर. विधानसभा चुनाव में लाइसेंसी हथियार तो पुलिस की निगरानी में है लेकिन गोलियां चलना बंद नहीं है। करीब हर तीसरे दिन फायरिंग का अपराध पुलिस के खाते में आ रहा है। सभी में दो नंबर के तमंचे पिस्टल इस्तेमाल हुए है। अपराधियों के हाथों से दो नंबर के हथियार पुलिस नहीं छीन पाई है। चुनाव में यह खतरा साबित हो सकते है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।
चुनाव की वजह से पुलिस का फोकस दो नंबर के हथियारों पर है। इसके बावजूद पिछले 35 दिन में पुलिस के खाते में फायरिंग की 13 वारदातें आई है, और सभी में तमंचे और अवैध पिस्टल, रिवॉल्वर का इस्तेमाल हुआ है। शहर में गुंडों ने दो नंबर के हथियार से पांच जगहों पर गोलियां ठोकी है जबकि देहात में 8 वारदातें हुई है। शहर और देहात की पुलिस तमाम जद्दोजहद के बाद भी पिछले महीने से अब तक 9 तमंचे ही पकड पाई है।
बडा रैकेट नहीं हाथ आया
देसी पिस्टल, तमंचे बनाने वाले पुलिस पूछताछ में खुलासे कर चुके है कि ग्वालियर चंबल दो नंबर के हथियारों का बडा बाजार है। उनके ज्यादातर ग्राहक इसी इलाके के है। आम दिनों की तुलना में चुनाव के वक्त इन हथियारों की डिमांड ज्यादा रहती है। आचार संहिता लागू होने के साथ दो नंबर के हथियारों की तस्करी और इस्तेमाल करने वाले पुलिस के रडार पर है। अवैध हथियार कारोबार का बडा रैकेट उसके हाथ नहीं आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *