Hyperloop Train In India-भारत में कब दौड़ेगी हाइपरलूप ट्रेन, नीति आयोग की ओर से आया जवाब
नई दिल्ली. भारत में हाइपरलूप ट्रेन कब चलेगी? इसके लिये और कितना इंतजार करना पड़ेगा। इस पर नीति आयोग के मेम्बर ने जबाव दिया है। नीति आयोग के मेम्बर ने कहा है कि भारत में निकट भविष्य में हाइपरलूप ट्रेन चलने की संभावना नहीं है। नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने कहा है कि हाइपरलूप टेक्नोलॉजी को अपनाने की संभावना फिलहाल नहीं है। वीके सारस्वत ने कहा है कि अभी यह प्रौद्योगिकी परिपक्वतता के बहुत निचले स्तर पर है और फिलहाल यह आर्थिक रूप से व्यवहार्य भी नहीं है।
भारत में क्या चलेगी हालपरलूप ट्रेन?
आपको बता दें कि वीके सारस्वत वर्जिन हाइपरलूप टेक्नोलॉजी और कमर्शियल फीजेबिलिटी का पता लगाने के लिये गठित हुई एक कमेटी की अगुवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि कुछ विदेशी कंपनियों ने भारत में यह टेक्नोलॉजी लाने में रूचि दिखाई है।
क्या है हाइपरलूप ट्रेन
हाइपरलूप ट्रेन चुम्बकीय शक्ति पर आधारित टेक्नोलॉजी है जिसके अंतर्गत खम्भों के ऊपर (एलिवेटिड) पारदर्शी ट्यूब बिछाई जाती है। इसके भीतर बुलेट जैसी शक्ल की लम्बी सिंगल बोगी हवा में तैरते हुए चलती है। हाइपरलूप ट्रेन कैप्सूल की तरह होती है। इसे तीन भागों में बांटा गया है। सामने वायु-कम्प्रेसर, बीच में यात्री कोच और पीछे बैटरियों के लिये जगह होती है। इसमें घर्षण नहीं होता है। इसलिये इसकी रफ्तार 1200 किमी प्रति घंटे से भी अधिक हो सकती है।
टेक्नोलॉजी में नहीं है मैच्योरिटी
वीके सारस्वत ने बताया है कि जहां तक हमारा सवाल है। हाइपरलून टेक्नोलॉजी के संबंध में हमने पाया है कि विदेशों से जो प्रपोजल आये थे। वह बहुत प्रैक्टिकल ऑप्शन नहीं हैं। वह टेक्नोलॉजी की मैच्योरिटी के मामले में बहुत निचले स्तर पर है। हालपरलूप ट्रेन एक हाईस्पीड ट्रेन है। जो ट्यूब में वैक्यूम में चलती है। इसका प्रपोजल टेक्नोलॉजी इलेक्टिक कार कंपनी टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क की ओर से है।
