चुनाव से पूर्व 5 आईपीएस को मिला ओपीएस, 5 लाख कर्मचारी अड़े, राज्य सरकार से मांगा ओपीएस
भोपाल. कांग्रेस विधानसभा चुनाव में सरकार बननरे पर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लागू करने की घोषणा कर चुकी है। कांग्रेस शामिल राजस्थान और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्य इसे लागू भी कर चुके हैं। इस बीच मध्यप्रदेश सरकार ने 2004-2005 बैच के 5 आईएएस अधिकारियों को ओपीएस की मंजूरी दे दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। यह आईएएस है जॉन किंगस्ली, एआररघुराज एमआर, राहुल जैन, जीवी रश्मि और संजीव सिंह इन अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए केन्द्र से OPS की मांग की थी। जीएडी ने केन्द्रीय कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के 13 जुलाई 2023 को जारी सर्कुलर का हवाला देते हुए मंजूर किया है।
इधर, ओपीएस के लिये लड़ाई लड़ रहे संगठन कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक पांडे ने मुख्य सचिव को पत्र में लिखा है कि ओपीएस के मामले में शासन दोहरे मापदंड अपना रहा है। नयी पेंशन स्कीम में आने वाले सभी 5 लाख कर्मचारियों को ओपीएस में शामिल किया जाये।
नियमों का दिया हवाला
अखिल भारतीय सेवा के वह अधिकारी जिन्हें नयी पेंशन स्कीम (NPS) की अधिसूचना की तारखी 22 दिसम्बर 2003 से पहले भर्ती के लिये विज्ञप्ति अधिसूचित रिक्त पद विरूद्ध नियुक्त किया गया है और जो 1 जनवरी 2004 या उसके बाद सेवा में आये हैं वह एनपीएस में आयेंगे।
अखिल भारतीय सेवा नियुम 1958 के तहत एक बार ओपीएस हमें शामिल होने का विकल्प मिलेगा।
आईएएस 2003 व आईएएस 2004 और आईएफएस 2003 के जरिये चयनित अखिल भारतीय सेवा के सदस्य इन प्रावधानों के तहत कवर होने के पात्र है। चयन प्रक्रिया 2004 से पूर्व हो तो ओपीएस का लाभ मिल सकता है।
कर्मचारी मामलों के जानकार व हाईकोर्ट के एडवोकेट अमित चतुर्वेदी बताते हैं यदि पदों के लिये चयन प्रक्रिया जनवरी 2004 के पूव्र से चल रही हो और नियुक्ति 2004-5 या उसके बाद हो तो ओल्ड पेंशन की पात्रता के दायरे में आ सकते हैं। स्टेट कैडर के आईएएस के वेतन भत्ते और पेंशन राज्य शासन ही देता है।
