एफआईआर घटनास्थल पर ही दर्ज होगी, थाने की जरूरत नहीं होगी-गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा
भोपाल. अब मप्र के लोगों को एफआईआर दर्ज कराने के लिये थाने जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि लोगों की शिकायत पर पुलिस की डायल 100 उनके घर पहुंच कर एफआईआर दर्ज कर करेगी। मप्र के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में यह निर्देश दिये । डॉ. मि।श्रा ने कहा है कि पुलिस विभाग वन स्टेप अप होकर काम करेगा। जल्द ही इसके लिये जरूरी कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि अति गंभीर मामलों को छोड़कर सामान्य मामलों में डायन 100 एफआईआर दर्ज कर सकेगी। गृहमंत्री ने पुलिस मुख्यालय में ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित होने के दौरान षहीद हुए पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
पुलिस कर्मियों को कर्मवीर सम्मान
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि उन सभी पुलिस कर्मियों को कर्मवीर पदक से सम्मानित किया जायेगा जिन्होंने कोरोना की जंग में 30 दिन से अपनी सेवायें दे रहे है। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मी और अन्य मृतक पिुलिस कर्मियों के परिवारों की सहायता करने के लिये हेल्पडेस्क शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा है कि इस हेल्पडेस्क के माध्यम से शहीद पुलिस कर्मियों के परिवार की हर संभव सहायता की जायेगी। पुलिस मुख्यालय में एडीजी या आईजी रैंक के अधिकारी शहीद पुलिस कर्मियों के परिवारों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करेंगे। गृहमंत्री ने बैठक में उच्चतम वेतनमान पर काम कर रहे पुलिस कर्मियों को पदनाम देने पर सहमति जताते हुए डीजीपी को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। बैठक में एडीजी और आईजी स्तर के अधिकारी मौजूद रहें।
6 हजार पुलिसकर्मी तैनात कोरोना ड्यूटी में
डीजीपी विवेक जौहरी ने कहा है कि मप्र के विभिन्न कंटेनमेंट जोन में 6 हजार से अधिक पुलिसकर्मी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। कोरोना की जंग में टीआई देवेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी और यशवंत पाल सहित सब इंस्पेक्टर मायाराम खराड़ी और कांस्टेबल टिंकू रावत ड्यूटी करते हुए शहीद हुए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 86 पुलिसकर्मी और 5 होमगार्ड के जवान कुल 91 कर्मचारी कोरोना संक्रमित होकर इलाज करा रहा हैं।
