ग्वालियर में सरकारी दफ्तर व दुकानें फिर बंद

ग्वालियर. जिला प्रशासन ने सोमवार को जो फुल प्रूफ ढंग से 3 मई तक के लिए राहत देते हुए आदेश जारी किया था वह 24 घंटे में भी पूरी तरह यथावत नहीं रह सका। मंगलवार को जिला प्रशासन ने सरकारी दफ्तरों को सीमित स्टाफ व सुरक्षा मानकों के साथ कार्य के लिए खोल दिया था और आमजन को प्रतिबंधित किया।
आमजन ने भी दफ्तरों में आना शुरू कर दिया
सरकारी दफ्तरों के खुलने की खबर लगते ही आमजन से जुड़े दफ्तरों में लोगों का आना शुरू हो गया। इससे घबराकर कलेक्टर ने शाम को ही दफ्तर फिर से बंद करने के आदेश जारी कर दिए। वहीं दो दिन स्टेशनरी की दुकानों को भी खोलने की प्लानिंग थी जिसे निरस्त कर दिया गया। शहर की टायर व पंचर की दुकानें भी अब बंद कर दी गई है। इन तीन बदलावों के साथ नया आदेश जारी कर दिया गया। सरकारी दफ्तरों और अन्य राहतों के कारण लोग घरों से निकले और कारोना संक्रमण की जो चेन नहीं टूटना था वह कहीं न कहीं टूट गई। सीधी बात यह कि जिला प्रशासन के बार-बार बदले आदेश ने लोगों को भी भ्रम में डाल दिया है। अधिकतर लोगों का यही सवाल है कि प्रशासन निर्णय लेकर हाल ही बदल क्यों देता है।
आदेश में तीन प्रमुख बदलाव
राज्य शासन व उनके अधीनस्थ सभी शासकीय अर्द्धशासकय कार्यालय, निगम मंडल आदि आगामी आदेश तक बंद, मानसिक आरोग्यशाला वहोड़ापुर तिराहे की सभी मेडिकल दुकानें रोज सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुली रहेंगी। सभी प्रकार के टायर व पंचर की दुकानें शहरी क्षेत्र में प्रतिबंधित रहेंगी केवल ग्रामीण क्षेत्र में खुली रहेंगी। स्टेशनरी व कितावों की दुकानें जो 22 व 23 अप्रैल को सुबह 8 बजे से खोली गई थी वह बंद रहेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *