डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित पांच मंत्रियों ने शपथ ली, प्रद्युम्न सिंह व इमरती देवी हुए निराश
भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपनी तीसवें दिन अपनी कैबिनेट का गठन कर लिया और जेसी संभावना थी वैसा ही हुआ। मुख्यमंत्री शिवराज ने मिनी कैबिनेट का गठन किया जिसमें जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की गई है। शिवराज कैबिनेट के मंत्रियों को राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने शपथ दिलवाई।
सबसे पहले डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने ली शपथ
सबसे पहले डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शपथ ली। वे शिवराज सिंह सरकार के तीनों बार के कार्यकाल में मंत्री रह चुके है उसके बाद तुलसी सिलावट को शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया गया इसके बाद कमल पटेल ने शपथ ली। पटेल हरदा विधानसभा सीट से पांचवीं बार के विधायक है वह शिवराज सिंह सरकार में पहले भी मंत्री रह चुके है फिर गोविंद सिंह राजपूत ने शपथ ली। गोविंद सिंह राजपूत, कमलनाथ सरकार में भी मंत्री रह चुके है और वे सागर जिले की सुरखी विधानसभा सीट से विधायक है। राजपूत भी कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए है। उमरिया जिले की मानपुर सीट से विधायक मीना सिंह ने भी शपथ ली। वे 2013 में भी मानपुर सीट से जीती थीं और पहले भी शिवराज सिंह सरकार में मंत्री रह चुकी है।
प्रद्युम्न सिंह व इमरती देवी हुए निराश
काफी उम्मीद थी कि सिंधिया कोटे से प्रद्युम्न सिंह तोमर को शिवराज सिंह कैबिनेट में स्थान मिल सकता है पर ऐसा हो नहीं सका। कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे प्रद्युम्न सिंह तोमर सिंधिया खेमे के खास लोगों में गिने जाते है। कमलनाथ सरकार में वे खाद्य मंत्रालय संभाले हुए थे और अपने तेज तर्रार कार्यशैली से उन्होंने विभाग के सुस्त अफसरों में करंट दौड़ा दिया था। इमरती देवी भले ही अपने मंत्रालय को कस नहीं पाई हों पर वे सदैव अपने बयानों को लेकर खूब सुर्खियां बटोरती थी। वे कभी सिंधिया को अपना भगवन बताती थी तो कभी कहती थी कि सिंधिया कहेंगे तो वे कुएं में भी कूद जाएंगी। सिंधिया खेमे से जो 6 विधायक कमलनाथ सरकार में मंत्री थे उनमें तोमर और इमरती देवी भी शामिल थे उनमें तोमर और इमरती देवी भी शामिल थीं।
ऐसी है शिवराज की सोशल इंजीनियरिंग
- नरोत्तम मिश्रा: दतिया से विधायक नरोत्तम भाजपा कद्दावर नेता है। सामान्य वर्ग से आते हैं। शिवराज सरकार के पिछले 3 कार्यकाल में में भी मंत्री रह चुके हैं। केंद्रीय नेताओं से अच्छे संपर्क और ग्वालियर-चंबल संभाग की भविष्य की राजनीति को साधने के लिए पहली बार में मंत्री बनाए गए।
- तुलसी सिलावट: अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। मालवा क्षेत्र के बड़े नेताओं में शुमार हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे खास व्यक्ति माने जाते हैं। कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। तुलसी सिलावट के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी को अनुसूचित जाति वर्ग का एक बड़ा नेता मिल गया है। हालांकि, ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के डॉ. प्रभुराम चौधरी भी इसी वर्ग से आते हैं।
- गोविंद सिंह राजपूत: बुंदेलखंड के बड़े ठाकुर नेताओं में एक हैं। सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। सिंधिया खेमे के रसूखदार ठाकुर नेता होने की वजह से मंत्री बनाए गए। कमलनाथ सरकार में ये राजस्व मंत्री रह चुके हैं।
- मीना सिंह: अनुसूचित जनजाति वर्ग से आती हैं। महिला और आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं। आदिवासी बाहुल्य उमरिया जिले से विधायक हैं।
- कमल पटेल: ओबीसी वर्ग से आते हैं। शिवराज और कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाते हैं। पहले भी मंत्री रह चुके हैं। हरदा से विधायक हैं।
