MP में MDR का विरोध, 2 हजार से अधिक पेट्रोल लेने पर UPI से नहीं लेगें पेमेंट, नगद देना होगा
नई दिल्ली. देश के अलग-अलग भागों में यूपीआई पेमेंट पर एमडीआर चार्ज को लेकर विरोध देखने को मिल रहा है। जबकि सरकार कहना हैकि आम आदमी पर एक रूपया का बोझ नहीं डाला जायेगा। केवल बड़े ट्रांजेक्शन 2 हजार रूपये से अधिक पर बड़े मर्चेन्ट को 0.40 प्रतिशत एमडीआर देना होगा। यानी 3 हजार रूपये के यूपीआई पर मर्चेट को 12 रूपये का एमडीआर लगेगा।
दरअसल, देश के कई भागों में सरकार के इस फैसले का विरोध हो रहा है। कुछ लोगों में एमडीआर के नियम को लेकर भी कंफ्यूजन है। इस दौरान मध्यप्रदेश के पेट्रोल पम्प डीलर्स एसोसियेशन ने ऐलान किया है कि वह 10 अक्टूबर से 2 हजार रूपये से अधिक पेट्रोल -डीजल की खरीद पर यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।
रेहड़ी-पटरी और छोटे दुकानदरों की वालों की सुरक्षा
सब्जी बेचने वाले, चाय की दुकान वाले, छोटे किराना-दुकानदार और ऑटो ड्राइवर बड़े पैमाने पर क्यूआर कोड का उपयोग करते हैं। ऐसे छोटे-व्यापारियों की बड़ी राहत दी गयी है। जिन छोटे दुकानदार और वेंडर्स की यूपीआई क्यूआर कोड के माध्यम से महीने की कुल डिजीटल भुगतान 1 लाख रूपये तक है। उन्हें पी2पीएम श्रेेणी में रखा गया है। इन दुकानदारों के लिये सभी ट्रांजेक्शन पर एमडीआर पूरी तरह शून्य (0प्रतिशत) रहेगा। चाहे ट्रांजेक्शन 2 हजार रूपये से ऊपर का ही क्यों न हो। आंकड़ों के अनुसार भारत में यूपीआई से होने वाले कुल मर्चेन्ट पेमेंट्स में से 96प्रतिशत से अधिक ट्रांजेक्शन 2 हजार से या उससे कम के होते है। सरकार का तर्क है कि देश के 95प्रतिशत से अधिक छोटे और मध्यम व्यापारी इस एमडीआर चार्ज के दायरे से पूरी तरह से बाहर रहेंगे।
