ग्वालियर में शराब तस्कर पुलिस के साथ बड़ी डील के लिए जा रहा था, दबोचने गई पुलिस पर बोला हमला
ग्वालियर. शहर में शराब माफिया और पुलिस के गठजोड़ का नया खुलासा हुआ है। एक शराब माफिया को हजीरा पुलिस ने पकड़ा है जिस समय शराब माफिया को पकड़ा गया वह पुलिस जवान लेखराज के साथ बाइक पर घूम रहा था, पुलिस ने उसे पकड़ना चाहा तो आरक्षक लेखराज ने विरोध करते हुए साथियों पर हमला कर दिया। पुलिस जवानों ने दोनों को पकड़कर थाने पहुंचाया।
वायरलेस से पल-पल की सूचना मिलती थी
शराब माफिया के पास से पुलिस का वायरलेस सेट भी मिला है जिसे वह 24 घंटे अपने पास रखता था। इससे उसे पुलिस की पल-पल की सूचना मिलती रहती थी। इंस्पेक्टर आलोक सिंह परिहार का कहना है कि आरक्षक लेखराज और शराब तस्कर जीतू पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला
हजीरा थाना पुलिस को रविवार रात 11 बजे सूचना मिली थी कि शराब माफिया जीतू चौहान निवासी गोला का मंदिर शराब की किसी बड़ी डील के लिए निकल रहा है जिस पर हजीरा पुलिस ने उसे महू जमार रोड पुल पर घेरा। जब पुलिस ने उसे घेरा तो पुलिस टीम की आंखें खुली रह गईं। बाइक जीतू चला रहा था लेकिन पीछे पुलिस का जवान लेखराज सिंह बैठा था। 8 महीने पहले तक यह लेखराज हजीरा थाने में ही पदस्थ था उसके बाद उसे लाइन अटैच कर दिया गया था। जब पुलिस ने शराब माफिया को पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी से पहले पुलिस जवान ने टीम पर हमला कर दिया। पुलिस की टीम ने दोनों को पकड़ लिया और थाने ले आए। यहां आरोपी जीतू चौहान के पास पुलिस का वायरलेस सेट देखकर पुलिस अफसरों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
शराब माफिया ने तीन जवानों के नाम लिए
पकड़े गए शराब माफिया ने पुलिस के सरंक्षण में ही अपना अवैध शराब का धंधा फलने फूलने की बात कबूली, उसने तीन पुलिस जवानों के नाम लिए है जिनमें लेखराज, राजीव व पंकज सिंह तोमर है। उसके पास से मिला वायरलेस सेट आरक्षक पंकज तोमर का होना बता रहा है। पंकज पहले मुरार थाना में पदस्थ था। एसपी ने पिछले सप्ताह ही उसे लाइन अटैच किया। वायरलेस सेट उसके पास होना उसे एसपी द्वारा टीम को दिए जाने वाली हर गोपनीय सूचना मिल रही थी। इसका उपयोग वह अपने शराब कारोबार को बढ़ाने में कर रहा था। अब एसपी तीनों जवानों पर सख्त कार्रवाई की बात कह रहे है।
