फर्जी पासपोर्ट प्रकरण में फरार बौद्ध भिक्षु गिरफ्तार, 10 हजार रूपये प्रतिमाह किराये पर दिया खाता
ग्वालियर. बांग्लादेशी नागरिकों के हाईप्रोफाइल फर्जी पासपोर्ट कांड में स्पेशल टास्क फोर्स (एसआईटी) को रविवार को कामयाबी मिली है। 50 से अधिक फर्जी पासपोर्ट मामले के मुख्य गवाह बौद्ध भिक्षु गुलाब राय गौतम उर्फ सम्यक बोधि उर्फ भंते का हिरासत में लिया है। यह मूल रूप से झांसी का निवासी ह। लेकिन मध्यप्रदेश के बौद्ध बिहारों में इसकी गहरी पैठ थी। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जीवाड़ा चलाने वाले सिंडिकेट की सबसे अहम कडि़यों में से एक था। 10,000 रूपये प्रतिमाह के लालच में वह सिंडिकेट का मददगार बना है। यह मास्टर माइंड और नीचे की कड़ी के बीच अहम भूमिका में था। नाम सामने आते ही विदिशा जाने की बात कहकर फरार हो गया था। इस पर एसआईटी ने 20 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था। अब यह पकडाया है। इससे पूछताछ के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार गुलाबराय गौतम
ऐसा पता लगा है कि गुलाब राय गौतम उर्फ सम्यक बोधि उर्फ भंते ही बौद्ध बिहार मठ में फर्जी दस्तावेज की आधारशिला रखी थी। यह मूल रूप से झांसी का निवासी है। इसका कनेक्शन ग्वालियर, विदिशा और भोपाल के मठों में भी था। 10 दिन पहले जब इस पर 20 हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया था ।तब यह विदिशा जाने की बात कहकर मठ से फरार हो गया था। जबकि यह ग्वालियर के लक्ष्मीगंज संजयनगर में छिपकर रह रहा था। एसटीएफ की टीम लगातार इसका पीछा कर रही थी। तभी पता लगा कि यह छत्तीसगढ के बिलासपुर में है। टीम ने दविश देकर उसे पकड़ा, जांच में बौद्ध भिक्षु गुलाब राय गौतम की 4 बड़ी भूमिकाये सामने आई है।
10 हजार के लालच में किराए पर दिया SBI का खाता
गुलाब राय ने कमीशन के चक्कर में गिरोह के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी (उर्फ भंते मैतानंद) को अपना बैंक खाता सौंप दिया था। यह खाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की विदिशा शाखा में वर्ष 2021-22 में खोला गया था। उसने 10,000 रुपए प्रतिमाह के किराए पर खाते का पूरा एक्सेस मास्टरमाइंड को दे रखा था, जिसमें रियाल चौधरी का ही मोबाइल नंबर दर्ज था। फर्जी पासपोर्ट बनाने के खेल का सारा वित्तीय लेन-देन इसी खाते से होता था।
