कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान,धर्मेंद्र प्रधान ने Protest के पहले ही दिन इस्तीफे का प्रस्ताव दे दिया था

इंदौर. भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने अपना त्यागपत्र देने का प्रस्ताव पार्टी के सामने रख दिया था। उस समय भाजपा ने इसे स्वीकार नहीं किया, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलने पर पार्टी ने त्यागपत्र का निर्णय लिया। इसके बाद प्रधान ने बिना किसी देरी के पद छोड़ दिया। विजयवर्गीय ने इसे एक अनुशासित भाजपा कार्यकर्ता की पहचान बताया।
छात्र आंदोलन के माध्यम से देश में हिंसा फैलाने का प्रयास
रविवार को इंदौर में पौधरोपण अभियान की शुरुआत के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र उन ताकतों की साजिश को विफल करने वाला कदम साबित हुआ, जो छात्र आंदोलन के माध्यम से देश में अस्थिरता और हिंसा फैलाने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ विदेशी ताकतें भारत को बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी स्थिति में धकेलना चाहती थीं, लेकिन त्यागपत्र के फैसले ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
विपक्षी दल की कोई भूमिका नहीं
कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष निराश और हताश था तथा उसे छात्र आंदोलन में राजनीतिक अवसर दिखाई दिया। उनके अनुसार, छात्र आंदोलन में कांग्रेस सहित किसी भी विपक्षी दल की कोई भूमिका नहीं थी। विपक्ष के नेता केवल राजनीतिक कारणों से छात्रों के पीछे खड़े हो गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि पड़ोसी के घर बच्चा पैदा हो जाए और कांग्रेस ढोल बजाने लगे, तो उसमें उसकी कोई भूमिका नहीं हो जाती।

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