जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में नो व्हीकल जोन कुलगुरु-कुलसचिव आए पैदल व साइकिल से

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को नो व्हीकल जोन लागू किया गया । विश्वविद्यालय प्रशासन ने माह की 2 और 16 तारीख को परिसर को वाहन मुक्त रखने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य, कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक, सहायक कुलसचिव, उपकुलसचिव स्वयं पैदल अथवा साइकिल से विश्वविद्यालय पहुंचे। वही छात्र व अगूंतुक भी पैदल चले।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने इस पहल को समर्थन मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है और इसे जीवन शैली मैं उतारने की बात कही।विश्वविद्यालय में पदस्थ समस्त अधिकारी और कर्मचारी भी पैदल और साइकिल से कार्यालय आए। वहीं दूर-दराज से आने वाले कर्मचारी व छात्रों ने अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़े कर पैदल ही कार्यालय तक पहुंचें। डॉ.राजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में प्रदूषण कम करना, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण तैयार करना तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। जीवाजी विश्वविद्यालय की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी महीने की 2 या 16 तारीख को अवकाश होता है, तो ‘नो व्हीकल डे’ की तारीख बदल दी जाएगी। ऐसी स्थिति में 2 तारीख के स्थान पर 3 तारीख और 16 तारीख के स्थान पर 17 तारीख को ‘नो व्हीकल डे’ रहेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह पहल हर माह दो कार्यदिवसों में प्रभावी रूप से लागू हो सके।प्रशासन के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही के कारण वायु और ध्वनि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा था, जिसका छात्रों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। ‘नो व्हीकल डे’ लागू होने से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि परिसर में शांति और स्वच्छ वातावरण भी बना रहेगा। पहले ही दिन परिसर में अपेक्षाकृत शांत और साफ माहौल देखा गया।इस निर्णय का छात्रों और शिक्षकों ने स्वागत किया है। छात्रों का कहना है कि यह कदम पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली को भी प्रोत्साहित करेगा। वहीं, शिक्षकों ने इसे अनुशासन, जिम्मेदारी और हरित परिसर की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है।

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