घटनास्थल पर पूर्व अधीक्षक जेएस सिकरबार की डेड बॉडी तीन पार्ट में मिली, पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच जुटी
ग्वालियर. जयारोग्य चिकित्सालय समूह (जेएएच) के पूर्व अधीक्षक जेएस सिकरवार ने रेलवे ट्रक पर लेटकर आत्महत्या कर ली है। वह वर्ष 2017 में जेएएच अधीक्षक पद से रिटायर्ड हो गये थे। उनकी आयु 72 वर्ष की थी। वह पिछले एक साल से डिप्रेशन से जूझ रहे थे। रविवार की सुबह लगभग 5 बजे वह घर से निकले थे। लेकिन इसके बाद वापिस नहीं लौटे। रविवार की सुबह रेलवे के लाइनमेन ने विश्वविद्यालय थाना इलाके के पीछे नीडम इलाके में अप ट्रैक पर खम्भा नम्बर 1221/34 से 1221/41 के बीच शव पड़े होने की खबर पुलिस को दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक का सिर ट्रैक के एक और पड़ा था। जबकि बीच में धड़ और दूसरी तरफ पैर कटे हुए थे। मृतक की पहचान जेएएच के पूर्व अधीक्षक जेएस सिकरबार के रूप में होने के बाद परिजनों को खबर दी गयी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद मर्ग कायम कर लिया है।
क्या है मामला
रविवार सुबह रेलवे के जूनियर इंजीनियर अभय कुमार ने सिथौली, ग्वालियर में ट्रैकमैन सुधाकर तिवारी को सूचना दी कि रेलवे की अप लाइन पर खंभा नंबर 1221/35 से 1221/41 के बीच एक युवक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने पर ट्रैकमैन सुधाकर तिवारी मौके पर पहुंचा, जहां मृतक की हालत बेहद खराब थी। सिर और पैर अलग-अलग कटे पड़े थे, जबकि धड़ ट्रेन की चपेट में आकर ट्रैक पर चिथड़े तक उड़ गए थे। मामले की सूचना विश्वविद्यालय थाना पुलिस को दी गई, क्योंकि जिस रेलवे ट्रैक पर शव मिला, वह नीड़म रेलवे लाइन क्षेत्र में आता है, जो विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र का हिस्सा है। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार जाटव मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
कुछ ही देर में मृतक की पहचान 72 वर्षीय डॉक्टर जे.एस. सिकरवार (रेडियोलॉजिस्ट) के रूप में हुई। वे जयारोग्य अस्पताल समूह के सेवानिवृत्त अधीक्षक रह चुके थे। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने की इच्छा जताई, लेकिन पुलिस ने समझाया कि मामला संदिग्ध होने के कारण जांच आवश्यक है, इसलिए पोस्टमार्टम कराया जाना जरूरी है। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
आशंका-ट्रैक पर लेटे थे डॉक्टर
विश्वविद्यालय थाना टीआई रविन्द्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह साफ है कि मृतक ने आत्महत्या की है। मृतक का सिर धड़से अलग मिला है। पैर कटकर अलग गिरे है। आशंका है कि वह रेलवे की पटरियों पर सिर रखकर लेट गये होंगे। ट्रेन गुजरी तो उनके 3 टुकड़े हो गये। फिलहाल घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
जेएएच अधीक्षक 2017 में बने थे जेएस सिकरबार
ऐसा पता चला है कि मृतक जेएएच में बतौर डॉक्टर पदस्थ थे। दिसम्बर 2017 में वह जेएएच के अधीक्षक बनाये गये थे। इसी पद से 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो गये थे। पिछले सालों में वह डिप्रेशन के शिकार थे। उनका उपचार भी चल रहा था लेकिन कोई दवाई असर नहीं कर रही थी। परिवार में पत्नी, बेटा कौस्तुभ सिंह व बेटी कृति सिंह है।



