सुप्रीम कोर्ट के इंकार से शासन को मिली राहत, 137 करोड रूपये 14 बीघा जमीन का मालिक कौन तय करेगा हाईकोर्ट की सुनवाई में होगा तय

ग्वालियर. शहर के बीचों बीच 137.46 करोड़ की ठाटीपुर क्षेत्र स्थित 13 बीघा 17 बिस्वा जमीन से जुड़े मामले की सुनवाई मप्र हाई कोर्ट में जारी रहेगी। निजी पक्षकार अमर सिंह ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें सिंगल बेंच ने अपील पेश करने में 3120 दिन की देरी को माफ कर दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अमर सिंह की याचिका खारिज कर दी। विवादित जमीन ठाटीपुर प्याऊ से लेकर इंद्रानगर तिराहे तक व आसपास के क्षेत्र में स्थित है। इसमें अमर ज्योति स्कूल, गार्डन व अन्य आबादी भी शामिल है। मामले की शुरुआत 1983 में हुई। इस मामले में 2007 में सिविल न्यायालय ने जमीन को निजी माना।
उच्च न्यायालय की ग्वालियर बेंच ने एसए471/2014 में मध्यप्रदेश शाासन बनाम अमर सिंह के प्रकरण में 27 फरवरी 2024 को शासन के हित में करीब 9 वर्षो के डिले कंडोम किया गया था। जिसमें अमरसिंह वारिसानों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका एसएलपी (सी) 9582/2024 को मृतक अमर सिंह बनाम मध्यप्रदेश में याचिका दायर की गयी थी। जिसे देरी के आधार पर प्रकरण निरस्त किये जाने का याचिका दायर की थी। शासन की गाइड लाइन के अनुसार इस जमीन की कीमत लगभग 1, 37,46, 50,000 (एक अरब, सैतीस करोड़, छियालीस लाख, पचास हजार रूपये) आंकी गयी है। आपको बताना होगा इस भूमि को चौहान प्याऊ के नाम से जाना जाता है। यह भूमि काफी महत्वपूर्ण और बेशकीमती है। इस प्रकरण में शासन द्वारा काफी प्रयास किये जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वरिष्ठत अधिवक्ता ने पैरवी की है। जबकि शासन की ओर पक्ष रखने के लिये अधिवक्ता श्रीमति एश्वर्या भाटी और भारत सरकार की और से एडिशनल सॉलिशीटर जनरल शरदकुमार सिंघानिया द्वारा पैरवी की गयी।
यह सर्वे क्रमांक हुए सरकारी भूमि बनी
सर्वोच्च न्यायालय ने प्रकरण में बिलम्ब दायर किये जाने को लेकर नजरअंदाज करते हुए शासन के पक्ष में फैसला सुनाया है। यह प्रकरण ग्राम मेहरा के सर्वे क्रमांक 137 रकवा 0.167 हैक्टर यानी 1670 वर्गमीटर, सर्वे क्रमांक 138 रकबा 0.137 हैक्टर यानी 1370 वर्गमीटर, सर्वे क्रमांक 137 रकवा, 0.125 हैक्टर यानी 1250 वर्गमीटर, सर्वे क्रमांक 140 रकवा 0.073 हैक्टर यानी कि 730 वर्गमीटर, सर्वे क्रमांक 141 रकवा 0.251 हेक्टर यानी 2510 वर्गमीटर, सर्वे क्रमांक 142 रकवा, 0.187 हैक्टर यानी 1870 वर्गमीटर, सर्वे क्रमांक 143 रकवा 0.533 हेक्टर यानी 5330 वर्गमीटर, सर्वे क्रमांक 292, 293, 294, 295 रकवा, हेक्टर यानी 14210 वर्गमीटर इस प्रकार कुल किताब 11 कुल रकवा 2,894 हैक्टर यानी 28940 वर्ग मीटर वादग्रस्त भूमि प्रभावित हुई है। उक्त भूमि प्रभावित थी। इस भूमि को कृषि एवं आवासीय गाइड लाइन इस बेशकीमती जमीन कीमत 1, 37,46, 50,000 (एक अरब, सैतीस करोड़, छियालीस लाख, पचास हजार रूपये) आंकी गयी है।

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