SBI के आचंलिक कार्यालय पर बैंक कर्मियों ने किया प्रदर्शन, 24-24 मार्च को बैंकों की हड़ताल
ग्वालियर. शनिवार की शाम 6 बजे यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ग्वालियर ईकाई ने सिंटी सेंटर स्थित एसबीआई के आंचलिक कार्यालय पर 5 सूत्रीय मांगों को लेकर हजारों लोगों के बीच प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की 9 पंजीकृत यूनियनों के साथियों और पदाधिकारियों द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज कर राष्ट्रव्यापी आन्दोलन में अपनी सहभागिता प्रस्तुत की। इस मौके पर हेमंत गोस्वामी, महासचिव रहीम खान मौजूद रहें।
अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस को संयोजक विवेक रावत ने बताया है कि 16 फरवरी से लेकर 25 मार्च बैंकों की हड़ताल तक आन्दोलन करने रणनीति बनाई है। इस मौके पर यूएफबीए की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दिशा निर्देश पर सभी मांगों को विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी सभी साथियों को दी गयी और इसके बाद सभी साथियों से आव्हान किया गया है कि वह समय -समय आयोजित धरना, प्रदर्शन, हडताल कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता अवश्य करने की अपील की है।
प्रमुख मांगें
1- राष्ट्रीकृत बैंकों में रिक्त सभी पदों पर पर्याप्त भर्ती और अस्थाई अधीनस्थ सेवारत कर्मियों को स्थाईकरण।
2- पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह का क्रियान्वयन।
3- लंबित सभी मांगों का समाधान।
4- नौकरियों की आउटसोर्सिंग पर रोक लगाये।
5- यूएफबीयू की अन्यस मांगों के त्वरित समाधान करें।
16 फरवरी 25 मार्च को बैंक हड़ताल बनी रणनीति
1- 16 फरवरी को सभी शाखाओं में पोस्टर कैपेंन।
2- 21 फरवरी को सभी जिला स्तर पर शाम को बैंक कर्मियों के द्वारा प्रदर्शन
3- 23 फरवरी को विरोध प्रतीक बेज वेयरिंग।
4- 3 मार्च को संसद नई दिल्ली पर धरना और शक्ति प्रदर्शन।
5- 5 मार्च को आईबीए, सीएलसी और डीएफएस को नोटिस।
6- 7 मार्च को सभी जिला स्तरों पर शाम को प्रदर्शन और धरना।
7- 11 मार्च को सभी कॉर्पोरेट कार्यालय, प्रधान कार्यालय, आंचलिक कार्यालयों, क्षेत्रीय कार्यालयों पर प्रदर्शन।
8- 17 मार्च को सभी राज्योें की राजधानियों में पत्रकारवार्ता।
9- 21 मार्च को सभी बड़े सेंटर्स पर रैली और प्रदर्शन।
10-23 मार्च को राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया कैम्पेंन।
11-24 एवं 25 मार्च को 2 दिवसीय पूर्ण राष्ट्रस्तरीय बैंक हड़ताल।
प्रदर्शन के मौके पर प्रदर्शन का संचालन विवेक रावत, शैलेश कुमार, अजय देवले, भरत शर्मा, गोवर्धन शर्मा एवं सभी नेताओं और साथियों ने किया है।
