शिवाय गुप्ता अपहरण कांड के संदिग्ध बदमाशों की हुई पहचान, पुलिस का डेरा बानमोर और मेहगांव में शनिवार तक हो सकता है खुलासा
ग्वालियर. पुलिस बदमाशों को तलाशने के लिये 4-5 एंगल पर काम कर रही है। शक्कर कारोबारी की किसी से कोई रंजिश है या नहीं, पुलिस को पता लगा है कि राहुल की ससुराल में किसी ने 2 किलो सोना गिरवी रखा था और बाद में वह सोना राहुल के पास आ गया था। वारदात की कहीं इससे जुड़ सकती है। यह भी पता चला है कि राहुल गुप्ता का कर्मचारियों से बातचीत करने का तरीका घोड़ा तल्ख था। इससे किसी कर्मचारी के दुश्मनी ठान लेने और संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुडे एंगल पर भी पुलिस पर जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने फिरौती के लिये अपहरण किया होगा। क्योंकि बच्चे से बदमाश कह रहे थे कि तेरे पिता से पैसे लेंगे। यह भी आशंका है कि दोनों बदमाश बच्चे का उठाकर किसी गिरोह को सौंपने वाले थे। इसे अपहरण का पेटी कॉन्ट्रेक्ट कहते है।
अपहरण के जुड़ रहे हैं तार
यहां पहचान हो गयी है। एक बदमाश बानमोर मुरैना और दूसरा मेहगांव भिण्ड में है। दरअसल, ग्वालियर में अपहरण के बाद पुलिस ने जब लगभग 50 सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो अपहरण करने वालों के फुटेज के आधार पर उनका हुलिया बानमोर और मेहगांव के 2 बदमाशों से मिलती है। पुलिस ने इन बदमाशों का रिकॉर्ड खंगाला है और दोनों ही घर से फरार पाये गये तो पुलिस संदेह यकीन में बदल गया है। पुलिस लगातार इनकी घेराबंदी कर रही है। एक साल पहले हुए अपहरण से जुड़ रहे मामले के तार पूरा मामला शक्कर व्यापारी राहुल गुप्ता के ससुराल से जुड़ता नजर आ रहा है। एक वर्ष पूर्व राहुल के साले के बेटे के अपहरण का प्रयास करने वालों पर ही संदेह है। उस वक्त अपहरण का प्रयास करने वालों की पहचान नहीं हो पायी थी।
3-4 दिन से बदमाश कर रहे थे रैकी
जिस तरह से बदमाशों ने अपहरण की घटना को अंजाम दिया है उससे पुलिस को यकीन है कि वारदात से पहले पूरी प्लानिंग की गयी है। और आसपास में रहने वाले लोगों ने भी पुलिस को बताया है कि गली में 3-4 दिन से बिना रजिस्ट्रेशन नम्बर की एक बाइक घूम रही थी। कभी एक युवक उस पर सवार रहता था तो कभी 2, उनके चेहरे ढके रहते थे। आशंका है कि वह शक्कर व्यापारी के बेटे पर घात लगाकर बैठे थे। गुरूवार को मौका मिलते ही बच्चे का अपहरण कर लिया।
