तिघरा में लगेगा फ्लोटिंग सोलर प्लांट, तैयारी शुरू

ग्वालियर. ओंकारेश्वर में स्थापित किये फ्लोटिंग सोलर प्लांट के सफल होने के बाद अब तिघरा बांध में फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने की तैयारी शुरू हो गयी है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने जल संसाधन विभाग को लिखे पत्र में बांध के अभी तक के सबसे न्यूनतम और अधिकतम जलस्तर की जानकारी मांगी है। इस बांध में फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित करने की कार्य योजना तैयार की जा सकेगी।
अहम बात यह है कि इस फ्लोटिंग सोलर पार्क से स्थानीय निकायों को बिजली देने की योजना पर काम कर रहा है। यानी कि स्थानी निकायों को सस्ते दर पर बिजली मिलेगी। यहां पर आपको बता दें कि नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जामंत्री राकेश शुक्ला ने डेढ़ महीने पूर्व ग्वालियर के तिघरा बांध में फ्लोटिंग सोलर पार्क स्थापित करने की बात कहीं थी।
फ्लोटर पर लगेंगे सोलर पैनल, प्लेटफार्म पर लगायेंगे ट्रासफॉर्मर
फ्लोटिंग सोलर प्लांट में सोलर पैेनलों को फ्लोटर पर रखा जायेगा। जिससे पैनल सुरक्षित तरीके से पानी में तैर सकेंगे। इस पैनल से बनने वाली बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने पानी में ही इंवर्टर और ट्रांुसफार्मर भी रखा जायेगा। इसके लिये एक फ्लोटिंग प्लेटफार्म तैयार किया जा सकता है। जिसका काफी भाग पानी के ऊपर तो थोड़ा पानी के नीचे (पानी में बर्फ की तरह) रहेगा। प्लेटफार्म के निचले हिस्से से किसी भारी वनज की वस्तुओं को जोड़कर रखा जायेगा। यह वस्तु के चलते पानी के भीतर रहेगी और प्लेटफॉर्म पर आवश्यक भार डालती रहेगी।
2007 -2017 में सबसे कम रहा जलस्तर
जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार तिघरा बांध का सबसे कम स्तर 2007 में रहा था। तब जलस्तर 705 फीट तक पहुंच गया था। बाद में अंचल के अन्य बांधों से पानी तिघरा में लाया गया था। कमोवेश कुछ ऐसी ही स्थिति 2017 में भी हुई थी। तिघरा बांध का अधिकतम जलस्तर लगभग 739 फीट है।
विभाग सर्वे कर रहा है
तिघरा बांध में फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, विभाग सर्वे कर रहा है। हमने जल संसाधन विभाग से बांध के जलस्तर की जानकारी मांगी है।
मनु श्रीवास्तव, एसीएस, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग

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