MP में बिजली दर में मिलने वाली छूट बंद करने की तैयारी, उद्योगों को लग सकता है बड़ा झटका
जबलपुर. मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने बिजल की नई दरों के लिए प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेजा है। आयोग ने याचिका स्वीकार कर आपत्ति मांगी है। कंपन ने प्रदेश में चार हजार 107 करोड रुपये की मांग-आपूर्ति में अंतर जाहिर करते हुए बिजली दर में 7.52 प्रतिशत की वृद्धि करने की अनुमति मांगी है। इस प्रस्ताव में उच्च दाब कनेक्शन वाले उद्योगों को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बी मिलने वाली 10 प्रतिशत छूट को वापस लेने का प्रस्ताव रखा गया है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो प्रदेश के 15 हजार बडे और 10 हजार छोटे यानी कुल 25 हजार औद्योगिक इकाइयों को आर्थिक नुकसान होगा।
महंगी खरीदनी पडती है बिजली
कंपनी का तर्क है कि रात के समय बिजली महंगी खरीदनी पडती है और उद्योगों को 10 प्रतिशत की छूट रात में देनी होती है। महंगी बिजली खरीदकर सस्ते में देने से इसकी भरपाई अन्य उपभोक्ताओं से करनी पडती है इसलिए कंपनी ने उद्योगों की भी सामान्य दर में बिलिंग का प्रस्ताव बनाया है।
20 प्रतिशत तक बिलिंग में रियायत
बता दें कि वित्त वर्ष 2023-24 में उद्योगों को रात के समय बिजली उपयोग करने पर 20 प्रतिशत तक बिलिंग में रियायत मिलती थी। इसे वर्ष 2024-25 के टैरिफ आदेश में कम कर 10 प्रतिशत तक कर दिया गया था।
