लोकायुक्त ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के खिलाफ मांगी थी रिपोर्ट,दो पेज के लेटर में की थी कमिश्नर के करप्शन की कम्प्लेन

भोपाल. परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता को हटाए जाने के बाद अब उनके विरुद्ध लोकायुक्त संगठन द्वारा राज्य शासन को लिखी गई चिट्ठी सामने आई है। इस पत्र में गुप्ता के विरुद्ध करप्शन की शिकायत के मामले में लोकायुक्त पुलिस संगठन ने शासन से जांच कर प्रतिवेदन मांगा था। लोकायुक्त संगठन ने प्रमुख सचिव परिवहन विभाग को 28 नवम्बर 2024 को पत्र लिखकर परिवहन आयुक्त के खिलाफ दो पेज में की गई शिकायत की जांच रिपोर्ट मांगी थी। इस पत्र के वायरल होने के बाद कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने मोहन सरकार पर निशाना साधा है। मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, ईमानदारी की ऐसी कई प्रतिमूर्तियां भाजपा की 18 साल की सरकार में रही हैं। उन्होंने अपने-अपने “आराध्यों ” की “आर्थिक आराधना” कर उनके प्रति जो “सेवाधर्म” समर्पित किया, आज उसका प्रतिफल सभी के सामने आ रहा है।
मिश्रा ने लिखा,आयकर विभाग ने मप्र के पूर्व ईमानदार कहे जाने वाले मुख्य सचिव के अत्यंत करीबी बिल्ड़र और उनकी पत्नी की करीब 100 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति अटैच की है। दूसरी ओर लोकायुक्त भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर पूर्व ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को नोटिस भेजकर जवाब मांगा। अब एक और चर्चित ईमानदार पूर्व ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ईमानदारी से कमाई गई करोड़ों रुपए की अकूत चल-अचल संपत्ति का एक बड़ा अंश प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में भूमि व्यवसाय, कॉलोनी में खर्च रहे हैं। उनके यशस्वी पुत्र इस कारोबार का लेखा-जोखा रख रहे हैं। मिश्रा ने ट्वीट के जरिए कहा है कि प्रदेश अब 5 लाख करोड़ के कर्ज के नजदीक पहुंच रहा है और ये भ्रष्टाचारी धनकुबेर।

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