दिल्ली से बिहार 1 घंटे में, प्लेन से तेज दौड़ेगी रेल, चीन बना रहा सबसे फास्ट ट्रेन
नई दिल्ली. टेक्नोलॉजी के मामले में चीन जितनी तेजी से काम कर रहा है उसे देखक दुनिया हैरान है। अब चीन एक ऐस ट्रेन बना रहा है जो हवा में चलेगी और उसकी रफ्तार 1000 किलोमीटर 621 मील प्रति घंटा, प्रति घंटा होगी। चीन इसके लिए उसी मैग्लेव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा जो दुनिया की अन्य हाई स्पीड ट्रेनों में होता है लेकिन फर्क इतना है कि ये ट्रेन किसी भी अन्य ट्रेन की तुलना में सबसे तेज दौडेगी।
दुनिया में सबसे तेज चलने वाली ट्रेन शंघाई मैग्लेव है जो 458 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलती है। यह पहली ऐसी ट्रेन है जिसमें मैग्लेव टेक्नोलॉजी इस्तेमाल हुई थी। यह इसके नाम से भी पता चलता है लेकिन चीन जो नई ट्रेन बना रहा है, उसकी रफ्तार शंघाई मैग्लेव की तुलना में दोगुनी होगी। फिलहाल चीन में हाई स्पीड ट्रेनें 349 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलती हैं लेकिन नए डिजाइन के चलते ट्रेन 643 किलोमीटर प्रति घंटा ज्यादा तेज दौड़ेगी। लंबी दूरी के कमर्शियल पैसेंजर्स एयरक्राफ्ट की औसत क्रूजिंग स्पीड लगभग 800 से 925 किमी प्रति घंटे तक होती है लेकिन चीन की रेलवे के मुताबिक वह अपनी ट्रेनों को और भी तेज, स्मार्ट और एनवायरनमेंट फ्रेंडली के अलावा एनर्जी एफिशिएंट बनना चाहता है।
मैग्नेट्स (चुम्बक) का इस्तेमाल करके पटरियों के ऊपर तैरने से रेलगाड़ियां ज्यादा तेजी से चल सकती हैं, क्योंकि इसमें कोई घर्षण नहीं होता और यात्रा भी आरामदायक होती है। इस ट्रेन के चलने के बाद आपके पास ऑफिस देर से पहुंचने या शर्ट पर कॉफी गिर जाने का कोई बहाना नहीं बचेगा।
