सराफा व्यापारी की कार से 244 ग्राम सोना चोरी का पर्दाफाश, दिल्ली के टक-टक गैंग ने दिया था चोरी को अंजाम, 2 मेम्बर गिरफ्तार

ग्वालियर. एक माह पूर्व हुई भिंड के सराफा व्यापारी की कार को पंचर करके से 244 ग्राम सोने चोरी की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। चोरी को दिल्ली से आने वाली मद्रासी गिरोह के 5 सदस्यों ने अंजाम दिया था। दिल्ली में इस गैंग को टक-टक गैंग के नाम से जाना जाता है। चोरी के घटना के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज दिल्ली पुलिस को भिजवाये तो यह गैंग पहले से ही दिल्ली पुलिस की जानकारी में था। इनमें से 2 सदस्यों को पड़ाव पुलिस ने दिल्ली के अंबेडकर नगर से दबोचा था। चोरी गये सोना में से 60 ग्राम सोना बरामद किया गया है। शेष दिल्ली में सराफा व्यवसायी को बेचना बता रहे हैं।
ग्वालियर पुलिस ने एक हजार सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो गैंग का पता लगा, गैंग ने भिण्ड के सराफा व्यापारी की कार के टायर को पड़ाव चौराहा पर रेडलाईट क्रॉसिंग पर सूजा घोंप कर पंचकर किया था। इसके बाद जब कारोबारी स्टेशन बजरिया में मॉल के सामने टायर बदलवा रहा था तभी मौका पाकर गहनों से भरा बैग पार कर दिया था। गैंग दिल्ली में इस की कई चोरी की घटना को अंजाम दे चुकी है। पुलिस की 2 अभ्म शेष माल बरामद करने दिल्ली रवाना हो गयी है।
क्या है मामला
एएसपी क्राइम शियाज केएम, अखिलेश रैनवाल ने बताया कि 17 जून को भिण्ड के सराफा कारोबारी अमन बंसल पुत्र राजीव बंसल ग्वालियर में गहने खरीदने के लिए आए थे। गहने खरीदने के बाद वह वापस जा रहे थे। स्टेशन बजरिया पहुंचे ही थे कि तभी उनकी कार का टायर पंचर हो गया। वह कार का टायर बदलवा रहे थे कि तभी कुछ युवक ऑटो से आए और उनकी कार के पास रोका और पांच मिनट के अंदर ही वापस जिस ओर से आए थे चले गए। जब टायर बदलवाकर व्यापारी वापस कार में पहंुचा तो उसके पैरों तले जमीन निकल गई। पीछे की सीट पर रखा उसका छोटा बैग गायब था। बैग में 244 ग्राम सोना लगभग 14 लाख रुपए कीमत का रखा हुआ था। यह सोना कारोबारी ने सराफा बाजार ग्वालियर से खरीदा था। इसे वह भिंड में अपनी ज्वेलरी शॉप पर बेचता। इस वारदात के बाद काफी हंगामा हुआ। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल भी पुलिस कप्तान से मिले थे और मामले के जल्द खुलासे के लिए बात की थी।
दिल्ली से पकड़े गये टक टक गैंग के सदस्य
साइबर सेल से मिली जानकारी के बाद पड़ाव थाना और क्राइम ब्रांच थाने की संयुक्त टीम ने अपनी-अपनी टीम के साथ घटना से जुडी जानकारियों को डवलप किया औेर इसके बाद नयी दिल्ली से 34 वर्षीय सूरज उर्फ सूजी पुत्र मुनिअप्पा, 22 वर्षीय विजय पुत्र बबलू निवासीगण मदनगिरी, अंबेडकर नगर नयी दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है। ऐसा बताया गया है कि यह मद्रासी गैंग के सदस्य है और इरानी गिरोह की तर्ज पर चोरी करते हैं। पुलिस ने इनसे पूछताछ के बाद 3 सोने की चेन, 3 अंगूठी और 3 जोड़ी कानों के टॉप्स करीब 60 ग्राम सोना बरामद किया है। बाकमी गहने आरोपियों ने एक सराफा व्यापारी को दिल्ली में बेचे हैं। अब पुलिस की टीम बाकी गहनों को बरामद करने के लिये दिल्ली रवाना की गयी है।
टीआई पड़ाव ने सीसीटीवी के 1 हजार फुटेज देखे थे
घटना के बाद से एसपी धर्मवीर सिंह ने 3 अलग-अलग टीम बनाकर पड़ताल के लिये लगाई थी। घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मिल थे जिसमें एक ऑटो बार-बार दिखाई दे रहा था और साथ ही कुछ लड़के कार के पास ही तफरी करते दिखाई दे रहे हैं। लगभग एक हजार फुटेज देखने के बाद टीआई पड़ाव इला टंडन को अहम सुराग मिले। इस मामले में कुछ दिनों की कड़ी मेहनत के बाद साइबर सेल को महत्वपूर्ण लीड मिली थी। इसके बाद पुलिस को पता लगा कि घटना को दिल्ली से आई गिरोह ने अंजाम दिया था।
यह है वारदात का तरीका
पुलिस ने जब नई दिल्ली में रहने वाली मद्रासी गैंग के बारे में सर्च किया तो पता लगा कि यह बड़ी गैंग है और दिल्ली में कई वारदात कर चुकी है। इनका तरीका ऐसा रहता है कि यह सराफा बाजार या बैंक के आसपास सक्रिय रहते हैं। इसके बाद यह टारगेट सेट करने के बाद उसकी कार, जीप के टायर में सूजा घुसेड़कर टायर पंचर कर देते हैं। जब कार मालिक पंचर को सही कर रहा होता है तो यह मौका पाकर बैग, गहने या अन्य सामान पार कर देते हैं। गिरोह के तीन सदस्य अभी फरार हैं। जिनकी पड़ताल की जा रही है।
