दिवाली की आतिशबाजी से इंदौर की हवा जहरीली, ग्वालियर में महालक्ष्मी पूजन के बाद आतिशबाजी हुई
भोपाल. देशभर में दिवाली धूमधाम से मनाई जा रही है। मध्य प्रदेश में भी त्योहार की रौनक देखने को मिल रही है। शाम 7 बजे से आतिशवाजी शुरू हो गई, लोग घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना करने में जुटे जबकि बच्चों ने पटाखे जलाकर दिवाली मनाई। आतिशबाजी के धुएं के बीच उज्जैन और ग्वालियर में आगजनी की घटनाएं भी सामने आई। वहीं दिवाली पर मध्य प्रदेश में आतिशबाजी के बीच कई शहरों में हवा जहरीली हो गई है। इंदौर में वायु प्रदूषण का स्तर वेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गयाहै। 8 नवंबर की रात 11.11 बजे शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 1331 दर्ज किया गया। इसे हैजार्डस यानी बेहद खतरनाक श्रेणी में रखा गया है।

इस दौरान पीएम 2.5 का स्तर 743 और पीएम 10 का स्तर 900 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज हुआ। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में इंदौर 11वें नंबर पर रहा। प्रदेश में दिवाली की शुरूआत उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर से हुई। सुबह भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का अभ्यंग स्नान कराया। पुजारी परिवार की महिलाओं और बच्चों ने बाबा को उबटन लगाया और अन्नकूट का भेग लगाया गया। परंपरा के अनुसार मंदिर की चारों आरतियों में फुलझडी जलाकर उत्सव मनाया गया।
ग्वालियर में महालक्ष्मी पूजन के बाद आतिशबाजी शुरू हुई
ग्वालियर में महालक्ष्मी पूजन के बाद दीपावली का उत्साह सडकों पर नजर आने लगा। बच्चे और युवा पटाखे लेकर सडकों पर पहुंचे और जमकर आतिशबाजी की। आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा और शहर में आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया।
