ईवीएम पर राजनैतिक घमासान, राहुल बोले -ईवीएम ब्लैक बॉक्स है
नई दिल्ली. इलेक्ट्रनिक वोटिंग मशीन () को लेकर एक बार फिर से राजनीति में विवाद खड़ा गया है। मुंबई पुलिस ने शिवसेना शिन्दे गुट के सांसद रविन्द्र वायकर के रिश्तेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद एक बार फिर से ईवीएम की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में आ गयी है। इस पर विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और सर कार पर निशाना साधा है और साथ ही ईवीएम के मुद्दे पर टेस्ला के मालिक एलन मस्क और पूर्व केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री राजीव चन्द्रशेखर आमने-सामने आ गये हैं। इस मुद्दे को बढ़ता देख भारतीय चुनाव आयोग मुबई के मामले को लेकर शाम 4.30 बजे पत्रकारवार्ता करने का भी ऐलान किया है।
दरअसल, मुबई पुलिस ने रविवार को शिवसेना शिन्दे गुट के सांसद रविन्द्र वायकर के साले के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह एफआईआर लोकसभा चुनाव की मतगणना वाले दिन गोरेगांव चुनाव सेंटर के अन्दर पाबंदी होने के बावजूद मोबाइल का उपयोग करने का आरोप है। इसके साथ ही पुलिस ने मंगेश पांडिलकर को मोबाइल देने के आरोप में चुनाव आयोग ने एक कर्मचारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है।
राहुल – अखिलेश ने ईवीएम पर उठाये सवाल
ईवीएम पर रिएक्शन देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया हैण्डल पर EVM पर सवाल उठाते हुए ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहा है। किसी को भी उनकी जांच करने की अनुमति नहीं हैं। हमारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिन्तायें व्यक्त की जा रही है। जब संस्थानों में जवाबदेही की कमी हो जाती है। लोकतंत्र एक दिखावा बन जाता है और धोखाधडी का शिकार हो जाता है।
मुंबई के इस मामले के सामने आने के बाद विपक्षी नेता चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘टेक्नॉलजी समस्याओं को दूर करने के लिए होती है। अगर वही मुश्किलों की वजह बन जाए तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। आज जब विश्व के कई चुनावों में EVM को लेकर गड़बड़ी की आशंका जाहिर की जा रही है और दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स EVM में हेराफेरी के खतरे की ओर खुलेआम लिख रहे हैं, तो फिर EVM के इस्तेमाल की ज़िद के पीछे की वजह क्या है, ये बात भाजपाई साफ़ करें.आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराने की अपनी मांग को हम फिर दोहराते हैं।
