ग्वालियर में तकनीकी पेंच में फंसे 100 करोड़ के निर्माण कार्य
ग्वालियर. स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा शहर में किए जा रहे लगभग 100 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य अवैध की श्रेणी में आ गए हैं। इसमें मल्टी लेवल कार पार्किंग, इंटर स्टेट बस टर्मिनल, शिक्षा नगर में बन रहे स्कूल सहित अन्य प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन सभी प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए नगर निगम से अनुमति नहीं लेने के कारण अवैध निर्माण की श्रेणी के नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन इसके साथ ही एक तकनीकी पेंच भी फंस गया है। स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा तैयार किए जाने वाले ज्यादातर प्रोजेक्ट नगर निगम के नाम पर चढ़ी जमीनों पर तैयार किए जा रहे हैं, जबकि निर्माण अनुमति के लिए मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज दिखाना जरूरी है। ऐसे में निर्माण कार्यों की मंजूरी का मामला भी अटक गया है। दिलचस्प बात यह है कि ऐसा तब है जब नगर निगम और स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के बास एक ही हैं यानी नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के कार्यकारी संचालक भी हैं।
पिछले दिनों निगमायुक्त ने सभी सरकारी निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक लेकर भवन निर्माण की अनुमति लेने के बाद ही काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब निर्माण कार्यों को बंद कराने की कार्रवाई की जा रही है। गत गुरुवार को नगर निगम के अमले ने पद्मा विद्यालय में सीएम राइज स्कूल और जनकगंज थाने के निर्माण कार्यों को मंजूरी न लेने के कारण बंद करा दिया। ठीक इसी प्रकार अन्य एजेंसियों के बिना अनुमति निर्माण कार्यों पर भी कार्रवाई होनी है। इसी क्रम में स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के प्रोजेक्ट को भी अवैध बताकर नोटिस जारी किए गए हैं। यदि जल्द ही निर्माण की अनुमति नहीं मिलती है, तो ये कार्य भी बंद कराए जा सकते हैं। वहीं बिना अनुमति निर्माण कार्य जारी रहते हैं और प्रोजेक्ट पूरे हो जाते हैं, तो भी नियम के मुताबिक ये अवैध ही रहेंगे। ये तकनीकी समस्या सामने आने के बाद अब नगर निगम के अधिकारी इस समस्या का निराकरण करने का दावा कर रहे हैं, क्योंकि नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह ही कार्पोरेशन के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी हैं।
