बैजाताल पर संजय धूपर, तन्मया और वैशाली धूपर गीत गाये
ग्वालियर. संगीत प्रस्तुति के लिये बहुत शानदार मंच बन गया है पानी के बीच तैरता रंगमंच पर बैजाताल पर लगभग 5 हजार श्रोताओं के बीच शाम 5 से 9 बजे तक मोहम्मद रफी गीतों को किशोर कुमार, हेमंत दा, उदित नारायण और रूपकुमार राठौर के गीतों का ेसंजय धूपर और वैशाली धूपर गुनगुनाये। इस बीच ग्वालियर की गायिका तन्मया ने भारी जनसैलाब के बीच अपने मधुर आवाज से को मंत्र मुग्ध कर दिया।
१) यू तो हमने लाख हसीं देखे है – रफ़ी साहेब – संजय
२) छलके तेरी आँखों से शराब और ज्यादा – रफ़ी साहेब – संजय
३) ये नयन डरे डरे – हेमंत दा – संजय
४) रात के हमसफ़र – रफ़ी साहेब व आशा जी – संजय – वैशाली
५) वादा कर ले साजना – रफ़ी साहेब व लता जी – संजय – वैशाली
६) दीवाना हुआ बादल – रफ़ी साहेब व आशा जी – संजय – वैशाली
७) तेरे मेरे मिलन की ये रैना – किशोर जी व लता – संजय – तन्मया
८) लुटे कोई मन का डगर – मनहर – लता – संजय – तन्मया
९) परदा है पर्दा – रफ़ी साहेब – संजय
१०) दोनों ने किया था प्यार मगर – रफ़ी साहेब – संजय
११ ) तुझमे रब दिखता है यारा मैं क्या करू – रूप कुमार राठौर – संजय
१२) तुमसे मिलना बाते करना अच्छा लगता है – उदित नारायणा – संजय
१३) ओ मेरे राजा – रफ़ी साहेब व आशा जी – संजय – वैशाली
१४) हम दोनों दो प्रेमी दुनिया छोड़ चले – रफ़ी साहेब व लता जी – संजय – वैशाली
१५) परदेसी परदेसी जाना नहीं – उदित नारायण व अलका याज्ञनिक – संजय – वैशाली
