कालीनपार्क, रेडीमेड गारमेंट पार्क और आईटी पार्क में संभागीय आयुक्त ने देखी संचालित गतिविधियाँ

तीनों पार्क के माध्यम से ग्वालियर अंचल के लोगों को मिले लाभ, इसके लिये करें सार्थक पहल
ग्वालियर संभागीय आयुक्त दीपक सिंह ने रेडीमेड गारमेंट पार्क, कालीन पार्क एवं केन्द्र व राज्य के आईटी पार्क का अवलोकन किया। इसके साथ ही केन्द्रों पर संचालित गतिविधियों के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा है कि ग्वालियर में इन महत्वपूर्ण केन्द्रों का उपयोग और बेहतर ढंग से किया जाना चाहिए ताकि युवाओं को इसका लाभ मिल सके।
रेडीमेड गारमेंट पार्क के अवलोकन अवसर पर पार्क में संचालित दो यूनिटों का अवलोकन किया तथा इन केन्द्रों पर निर्मित किए जा रहे उत्पादों को देखा। इसके संबंध में विस्तार से चर्चा भी की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि रेडीमेड गारमेंट पार्क में रिक्त भूमि पर अधिक से अधिक यूनिट आएँ, इसके लिये रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में कार्य कर रहे व्यवसाईयों से संपर्क कर रेडीमेडी गारमेंट पार्क का अवलोकन कराएँ, ताकि अधिक से अधिक व्यवसायी इस रेडीमेड पार्क में अपनी यूनिट स्थापित कर स्थानीय स्तर के लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें।
रेडीमेड गारमेंट पार्क में संचालित यूनिट संचालकों से भी आग्रह किया कि वे रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में कार्य कर रहे व्यवसाइयों को पार्क में अपनी यूनिट लगाने के लिये प्रोत्साहित करें, इसके साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी रेडीमेड के क्षेत्र में कार्य कर रहे व्यवसाइयों को इसकी जानकारी दें ताकि प्रदेश के अन्य शहरों के व्यवसायी भी यहां पर आकर अपनी यूनिट स्थापित कर सकें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि रेडीमेड पार्क के व्यवसाइयों का जो संगठन है वह भी अधिकारियों के साथ निरंतर बैठकें करें और पार्क की बेहतरी के लिये और क्या – क्या प्रबंध किए जा सकते हैं इसके संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दें।
ग्वालियर में स्थापित कालीन पार्क का भी अवलोकन किया। ग्वालियर में निर्मित कालीन न केवल देशभर में बल्कि विदेशों में भी भेजा जाता है। कालीन निर्माण के क्षेत्र में ग्वालियर का अलग स्थान है। कालीन पार्क के माध्यम से स्थानीय बुनकरों को अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिये सार्थक पहल करें। केन्द्र सरकार को भेजी गई डीपीआर की स्वीकृति होने तक स्थानीय लोगों को कालीन पार्क का अवलोकन कर उन्हें यहाँ लाने के प्रयास किए जाएँ। इसके साथ ही फैशन डिजायनिंग के विद्यार्थियों को भी केन्द्र का अवलोकन कर प्रोजेक्ट के रूप में कार्य हाथ में लेने का आग्रह किया जाए।

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