पचमढ़ी से ठंडा रहा ग्वालियर, शुक्रवार से अनेक इलाकों में छा सकते हैं बादल
भोपाल. हवाओं का रुख पूर्वी, उत्तर-पूर्वी बना रहने से प्रदेश में सिहरन फिर बढ़ने लगी है। इसी क्रम में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात प्रदेश में सबसे कम 10.8 डिग्री सेल्सियस तापमान ग्वालियर का दर्ज किया गया, जो पचमढ़ी के न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस की तुलना में 0.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। प्रदेश के 20 शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, यहां आठ दिन बाद रात का पारा 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे आया है। इसके पहले 14 नवंबर को न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हवाओं के साथ नमी आने के कारण शुक्रवार से आंशिक बादल छा सकते हैं। शनिवार-रविवार को भोपाल-इंदौर सहित प्रदेश के कई शहरों में वर्षा होने के भी आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच में बना हुआ है। प्रदेश में ऊपरी स्तर पर पर हवा का रुख पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है। इस वजह से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि शनिवार से एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के भी उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। साथ ही उसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के आसपास विपरीत दिशा की हवाओं (पूर्वी-पश्चिमी) का आपस में संयोजन होने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली की सक्रियता से अरब सागर से नमी आने के कारण बादल छाने लगेंगे। साथ ही प्रदेश के अधिकतर शहरों में वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान दिन के तापमान में तो कमी आएगी, लेकिन रात का तापमान कुछ बढ़ेगा। पश्चिमी विक्षौभ के उत्तर भारत से आगे बढ़ जाने के बाद हवाओं का रुख उत्तरी होने से 27 नवंबर से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट होने की भी संभावना है।
