ठंड ने बढ़ाईं मौसमी बीमारियां, बढ़ रही सांस से जुड़ी शिकायत
ग्वालियर. वातावरण में निरंतर ठंडक बढ़ती जा रही है। तापमान में निरंतर होती गिरावट बच्चों को बीमार कर रही है। देखा जा रहा है कि मौसम का बदलता मिजाज बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है, जिसके कारण अस्पतालों में बीमार बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। बच्चों में इन दिनों खांसी, जुखाम, अस्थमा रोग (श्वांस रोग) और हृदय की बामारी की शिकायत बढ़ी है। सर्दी की दस्तक से मौसम में मौजूद वायरस इन बीमारियों का कारण बन रहा है।
शिशु विभाग में भी बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी
रिम्स के शिशु रोग विशेषज्ञ के अनुसार मौसम में होने वाले बदलाव में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष देखभाल की जरूरत है। इन दिनों अस्पताल में जिन बच्चों को उनके अभिभावक इलाज के लिए लेकर आ रहे हैं, उनमें से ज्यादातर बच्चे मौसमी बीमारियों से ही पीड़ित हैं। किसी को खांसी, किसी को जुखाम तो किसी को श्वांस की परेशानी हो रही है। मौसमी बीमारी से पीड़ित 8 से 12 साल तक के बच्चे हैं, वहीं जेएएच के शिशु विभाग में भी बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है।
ओपीडी में परामर्श के बाद बच्चे की स्थिति ज्यादा खराब रहने पर अस्पताल के शिशु विभाग में भर्ती तक कराना पड़ रहा है। इस मौसम में विशेष ध्यान और सावधानी रखने की जरूरत है। इस बढ़ती ठंड में ठंडा पानी पीने के बजाय उबालकर पीयें, बाहरी खाना न खाएं, घर के आसपास साफ-सफाई रखने के साथ-साथ गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ढंककर रखें।
